एक ज़िला-एक खेल,उदयपुर का गौरव बनी तैराकी
तैराकी एक ऐसा खेल है जो शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है
उदयपुर 28 मार्च 2026। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में प्रदेशभर में संचालित राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी “पंच गौरव” पहल के अंतर्गत प्रत्येक ज़िले में एक विशिष्ट खेल को प्रोत्साहित करने की योजना चलाई गई ।
इसी क्रम में उदयपुर ज़िले ने तैराकी को अपने गौरव खेल के रूप में चयनित किया । दरअसल झीलों की नगरी के रूप में प्रसिद्ध उदयपुर का भौगोलिक स्वरूप, प्राकृतिक जल संसाधन तथा समृद्ध ऐतिहासिक जल संस्कृति तैराकी खेल के विकास के लिए अत्यंत अनुकूल मानी जाती है। यही कारण है कि तैराकी को ज़िले की खेल पहचान के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है।
तैराकी एक ऐसा खेल है जो शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह शरीर की सहनशक्ति, फेफड़ों की क्षमता, मांसपेशियों की मजबूती और संतुलन को बढ़ाता है। साथ ही यह अनुशासन, आत्मविश्वास, साहस और जीवन रक्षक कौशल को भी विकसित करता है।
उदयपुर ज़िला खेल अधिकारी डॉ. महेश पालीवाल ने बताया कि राजस्थान सरकार का उद्देश्य है कि इस पहल के माध्यम से जिले में तैराकी की प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें वैज्ञानिक प्रशिक्षण और प्रतियोगी अवसर उपलब्ध कराना है । ताकि उदयपुर के खिलाड़ी भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान का नाम रोशन कर सकें।
उदयपुर ज़िले की अलग अलग विधानसभाओं से आए प्रतिभागियों ने भी इस आयोजन की सराहना की। प्रतिभागियों ने बताया कि वे अब तक अपने गांवों में नदी, नाले और तालाबों में स्नान करते रहे हैं, लेकिन पहली बार स्विमिंग पूल में तैराकी का अनुभव प्राप्त कर उन्हें बहुत खुशी हुई। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से उन्हें यह सीखने का अवसर मिला कि स्विमिंग को किस प्रकार बेहतर तरीके से सीखा और विकसित किया जा सकता है।
साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन लगातार होते रहने चाहिए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को भी आगे बढ़ने और अपनी क्षमता साबित करने का अवसर मिल सके।
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