गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (EUS) की 150 सफल प्रक्रियाएं पूर्ण
Udaipur Times: 26 जून 2026। गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (EUS) की 150 सफल प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक पूर्ण कर ली हैं। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में अस्पताल में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग की चिकित्सकीय, नर्सिंग एवं तकनीकी टीम का सम्मान किया गया।
एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एवं CEO ने टीम का किया सम्मान
इस अवसर पर गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अंकित अग्रवाल ने गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग की पूरी टीम को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता संस्थान के विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं तकनीकी टीम की कड़ी मेहनत, समर्पण और उत्कृष्ट टीमवर्क का परिणाम है। अग्रवाल समारोह में उपस्थित रहे तथा पूरी टीम का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उत्कृष्ट कार्य की सराहना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विभाग भविष्य में भी इसी प्रकार आधुनिक चिकित्सा सेवाओं के माध्यम से मरीजों को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराता रहेगा।
गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के CEO ऋषि कपूर ने भी इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि संस्थान लगातार अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में उन्होंने घोषणा की कि आने वाले कुछ ही दिनों में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में Cholangioscopy-guided Electrohydraulic Lithotripsy (EHL) तथा Enteroscopy जैसी अत्याधुनिक एंडोस्कोपिक सुविधाएं भी प्रारंभ की जाएंगी, जिससे जटिल रोगों के उपचार के लिए मरीजों को महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा और उन्हें विश्वस्तरीय सुविधाएं उदयपुर में ही उपलब्ध होंगी।
उन्नत गैस्ट्रोएंटरोलॉजी सेवाओं का केंद्र
गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में उन्नत गैस्ट्रोएंटरोलॉजी सेवाओं के साथ आधुनिक इंटरवेंशनल एंडोस्कोपी की सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (EUS) एक आधुनिक एवं अत्याधुनिक जांच तकनीक है, जिसके माध्यम से पाचन तंत्र, अग्न्याशय (Pancreas), पित्त नलिकाओं (Bile Ducts) तथा आसपास के अंगों की सूक्ष्म एवं सटीक जांच की जाती है। यह तकनीक कई जटिल रोगों के शीघ्र एवं सटीक निदान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
जटिल रोगों के निदान और उपचार में नई उपलब्धियां
संस्थान के एडवांस्ड एंडोस्कोपिस्ट डॉ. कार्तिकेय माथुर ने बताया कि EUS के माध्यम से कैंसर एवं तपेदिक (टीबी) जैसी उन बीमारियों का भी सटीक निदान संभव हो रहा है, जो शरीर के अंदरूनी हिस्सों में स्थित होने के कारण सामान्य जांचों से आसानी से पहचान में नहीं आतीं।
उन्होंने बताया कि सिस्टोगैस्ट्रोस्टॉमी एवं सिस्टोडुओडेनोस्टॉमी जैसी जटिल प्रक्रियाएं, जिनके लिए पहले खुले ऑपरेशन की आवश्यकता होती थी, अब एंडोस्कोपी की सहायता से बिना किसी बाहरी चीरे के सफलतापूर्वक की जा रही हैं। इसके साथ ही विभाग भविष्य में EUS-guided Biliary Drainage जैसी और भी उन्नत एवं चुनौतीपूर्ण उपचारात्मक प्रक्रियाएं प्रारंभ करने की दिशा में कार्य कर रहा है।
मरीजों को मिल रहा है आधुनिक उपचार का लाभ
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (EUS) जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं की उपलब्धता से अब क्षेत्र के मरीजों को जटिल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी उपचार के लिए बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं है। गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी सहित विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं एवं अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं, जहां अनुभवी विशेषज्ञों द्वारा विश्वस्तरीय उपचार प्रदान किया जा रहा है।
इस उपलब्धि पर गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग ने मरीजों द्वारा व्यक्त किए गए विश्वास एवं सहयोग के प्रति आभार प्रकट करते हुए भविष्य में भी अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से उत्कृष्ट, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने का संकल्प दोहराया।
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