गीताजंली मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में कोविड-19 टीकाकरण पर सी.एम.ई. का हुआ आयोजन


गीताजंली मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में कोविड-19 टीकाकरण पर सी.एम.ई. का हुआ आयोजन

गीतांजली हॉस्पिटल के स्वास्थ्कर्मियों का कोविड-19 टीकाकरण किया जा रहा है। 

 
गीताजंली मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में कोविड-19 टीकाकरण पर सी.एम.ई. का हुआ आयोजन
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वक्ष एवं क्षय रोग विभागाध्यक्ष डॉ एस.के. लुहाड़िया ने “रीसेंट अपडेट्स ओन कोविड-19 टीकाकरण” पर अपने विचार व्यक्त किये। 

गीताजंली मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल ने हमेशा समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। कोरोना महामारी की मुश्किल घड़ी में भी सभी चिकित्सकीय चुनौतियों को स्वीकार कर कदम से कदम मिलाकर समाज में अपनी पूर्ण भागीदारी को निभा रहा है। गीतांजली हॉस्पिटल के स्वास्थ्कर्मियों का कोविड-19 टीकाकरण किया जा रहा है। 

आज गीताजंली मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में कोविड-19 टीकाकरण पर सी.एम.ई. का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वक्ष एवं क्षय रोग विभागाध्यक्ष डॉ एस.के. लुहाड़िया ने “रीसेंट अपडेट्स ओन कोविड-19 टीकाकरण” पर अपने विचार व्यक्त किये। 

कार्यकम में गीतांजली यूनिवर्सिटी के डीन एवं प्रिंसिपल डॉ. एफ. एस. मेहता, मेडिकल सुप्रीटेनडेंट डॉ. नरेन्द्र मोगरा, सी.ई.ओ प्रतीम तम्बोली, डॉक्टर्स एवं पी.जी. विद्यार्थियों ने सभी आवश्यक कोरोना प्रोटोकॉल्स का पालन करते हुए कार्यक्रम में भाग लिया। 

डॉ. लुहाड़िया ने बताया कि आज पूरी दुनिया में लगभग 64 विभिन्न प्रकार की कोविड-19 वेक्सीन पर क्लिनिकल ट्रायल चल रही है। उनमें से 9 का उत्पादन भारत में होगा। अमेरिका व जर्मनी में विकसित फाइजर व मोर्डना कम्पनी की वैक्सीन 95 प्रतिशत प्रभावी पाई गई और कोई गम्भीर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पाये गये परन्तु उन वेक्सीन को -20 से - 80° सेंटीग्रेट तापमान पर स्टोर करना पड़ता है। भारत में सीरम इन्टीट्यूट द्वारा निर्मित कोविशील्ड वेक्सीन 70 प्रतिशत प्रभावी है और पूर्णतया सुरक्षित है। उसकी फेज-3 ट्रायल यू.के., ब्राजील व साउथ अफ्रीका में पूर्ण हो चुकी है और भारत में लगभग 1600 वालनटियर्स पर फेज-3 ट्रायल चल रहा है।

भारत में ही भारत बायोटेक कम्पनी द्वारा निर्मित कोवेक्सीन की फेज-1 व फेज-2 ट्रायल पूरी हो चुकी है एवं फेज-3 ट्रायल 25,800 वालनटियर्स पर चल रही है। फेज-1 एवं 2 के अनुसार कोवेक्सीन 90 प्रतिशत से भी ज्यादा व्यक्तियों में कोरोना के वायरस के खिलाफ एंटीबाडीज बनाती है और इसके कोई गम्भीर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पाये गये। अभी हाल ही में यू.के. से लौटे व्यक्तियों में कोरोना की यू.के. स्ट्रेन पायी गई परन्तु हर्ष का विषय है कि जिन व्यक्तियों ने कोवेक्सिन लगवाई उनके सीरम में जो एन्टीबाडी बनी थी वे कोरोना की यू.के. स्ट्रेन के खिलाफ भी असरदार पाई गई। इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि कोवेक्सिन- कोरोना वायरस की साधारण व म्युटेंट स्ट्रेन मे भी असरदार है।

डॉ लुहाड़िया ने ये भी बताया की आने वाले समय में कोविड-19 टीकाकरण का ट्रायल बच्चो, गर्भवती एवं स्तनपान करने वाली महिलाओं में भी ट्रायल शुरू हो रही है। आने वाले समय में नाक से स्प्रे द्वारा भी जाने वाली कोविड-19 वेक्सीन की भी भारत में फेज-1 ट्रायल चालू है।

डॉ लुहाड़िया ने अन्त में कहा कि भारत में निर्मित कोविशील्ड एवं कोवेक्सीन दोनो ही वेक्सीन सुरक्षित हैं और आज 30.1.2021 को प्रातः 8 बजे तक भारत में 35 लाख से भी अधिक हेल्थ वर्कस ने कोरोना के टीके लगवा लिए है और अभी तक कोई गम्भीर प्रतिकूल प्रभाव नहीं देखे गये हैं।

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