होटल इंडस्ट्री की मांग: 5% GST के साथ ITC सुविधा भी बहाल हो
उदयपुर 8 सितंबर 2025। होटल उद्योग ने केंद्र सरकार द्वारा होटल कमरों पर GST को 12% से घटाकर 5% करने के फैसले का स्वागत किया है। लेकिन अब उदयपुर के होटल व्यवसायियों ने समूचे होटल उद्योग हेतु एक अहम मांग उठाई है कि नई 5% GST दर के साथ-साथ इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) की सुविधा भी बहाल की जाए।
होटल एसोसिएशन उदयपुर के उपाध्यक्ष एवं पर्यटन विशेषज्ञ यशवर्धन राणावत ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र संख्या एचएयू /2024-26/207 दिनांक 07/सितम्बर/2025, लिखकर धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यह कदम होटल उद्योग के लिए “दिवाली का तोहफ़ा” है। परन्तु उन्होंने चिंता जताई कि ITC न मिलने से होटल व्यवसायियों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ रहा है, जिससे कर में राहत का लाभ काफ़ी हद तक निष्प्रभावी हो रहा है।
राणावत ने पत्र में लिखा “होटल उद्योग भोजन एवं पेय पदार्थों की आपूर्ति, रखरखाव व मरम्मत सेवाओं तथा पूंजीगत वस्तुओं पर 18 से 28% GST चुकाता है। पहले इनपुट टैक्स क्रेडिट उपलब्ध होने से यह राशि टैक्स देनदारी से समायोजित हो जाती थी, लेकिन अब यह लागत सीधे होटल पर भार बन रही है। इससे संचालन लागत बढ़ रही है और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारतीय होटल पिछड़ने का खतरा है।”
उन्होंने कहा कि उदयपुर में हर वर्ष लाखों देशी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करता है और विदेशी मुद्रा अर्जन के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार भी उपलब्ध कराता है। ऐसे में होटल उद्योग को ITC की सुविधा देना न केवल पर्यटन क्षेत्र को स्थिरता देगा बल्कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को भी गति प्रदान करेगा।
पत्र में पर्यटन विशेषज्ञ राणावत ने होटल उद्योग से जुड़े हम सभी संगठनों की और से विनम्र निवेदन किया कि 5% GST निश्चित ही एक स्वागतयोग्य कदम है, परंतु रेंटल मॉडल पर चलने वाली प्रोपर्टीज के संदर्भ में भी नया कदम अधूरा साबित हो रहा है। इन पर 18% GST का बोझ, ITC की अनुपस्थिति के कारण, सीधे मार्जिन्स को प्रभावित कर रहा है और इससे होटल व्यवसाय के बंद होने अथवा मकान मालिकों व ऑपरेटर्स के बीच कानूनी विवाद जैसी गंभीर स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए पत्र में आग्रह किया है कि सरकार इस पर गम्भीरता से विचार करे और रेंटल प्रॉपर्टीज़ पर दिए जाने वाले 18% GST के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) की सुविधा को पुनः बहाल करे, ताकि उद्योग टिकाऊ, प्रतिस्पर्धी और रोजगार सुरक्षित रह सके।
पत्र में यह भी कहा गया कि ITC की सुविधा मिलने से होटल बेहतर अवसंरचना, सेवा गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय प्रचार-प्रसार में अधिक निवेश कर पाएंगे, जिसका सीधा लाभ पर्यटकों और देश की अर्थव्यवस्था दोनों को होगा। पत्र की प्रतिलिपि फाइनेंस सेक्रेटरी केंद्र सरकार, फाइनेंस सेक्रेटरी राज्य सरकार, उदयपुर प्रशासन, GST कमिश्नर उदयपुर डिवीज़न और जयपुर डिवीज़न को भी भेजी है।
होटल एसोसिएशन उदयपुर की यह मांग अब देशभर के होटल व्यवसायियों की आवाज़ बनती जा रही है। उद्योग जगत का मानना है कि कर दर में कमी स्वागत योग्य कदम है, लेकिन दीर्घकालिक विकास के लिए ITC की बहाली अत्यंत आवश्यक है।
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