उम्र बढ़ने के साथ घुटनों की देखभाल जरूरी, दर्द को सामान्य मान कर न करें नजरअंदाज
गीतांजली हॉस्पिटल के जॉइंट रिप्लेसमेंट विशेषज्ञ डॉ. रामावतार सैनी ने दी सलाह
Udaipur Times, GMCH: उम्र बढ़ने के साथ घुटनों और जोड़ों से जुड़ी समस्याएं वरिष्ठ नागरिकों में बढ़ सकती हैं। घुटनों में लगातार दर्द, सूजन, अकड़न, चलने में परेशानी या सीढ़ियां चढ़ने-उतरने में तकलीफ को उम्र का सामान्य असर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर चिकित्सकीय सलाह और उचित देखभाल से समस्या को बढ़ने से रोका जा सकता है।
गीतांजली हॉस्पिटल के जॉइंट रिप्लेसमेंट विशेषज्ञ डॉ. रामावतार सैनी के अनुसार, वरिष्ठ नागरिकों को घुटनों और जोड़ों की नियमित देखभाल के साथ अपनी दिनचर्या में हल्का व्यायाम शामिल करना चाहिए। वजन को नियंत्रित रखना और दैनिक गतिविधियों के दौरान सावधानी बरतना भी जोड़ों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि लंबे समय तक घुटनों में दर्द या चलने-फिरने में परेशानी बनी रहती है तो चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है। शुरुआती स्तर पर दवाइयों, फिजियोथेरेपी और जीवनशैली में बदलाव से कई मरीजों को राहत मिल सकती है। वहीं, जब घुटने की समस्या गंभीर हो जाए और अन्य उपचारों से पर्याप्त लाभ न मिले, तब मरीज की स्थिति के अनुसार घुटना प्रत्यारोपण (नी रिप्लेसमेंट) की आवश्यकता हो सकती है।
हॉस्पिटल में रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट की सुविधा भी उपलब्ध है। विशेषज्ञों के अनुसार, रोबोटिक तकनीक का उपयोग सर्जरी की योजना बनाने और प्रक्रिया में सटीकता बढ़ाने में किया जाता है। हालांकि, किस मरीज के लिए कौन-सी उपचार पद्धति उपयुक्त होगी, इसका निर्णय उसकी चिकित्सकीय स्थिति के आधार पर विशेषज्ञ करते हैं।
विशेषज्ञों ने वरिष्ठ नागरिकों से अपील की कि घुटनों या जोड़ों में लगातार दर्द, सूजन अथवा चलने-फिरने में परेशानी होने पर इसे नजरअंदाज न करें और समय पर चिकित्सकीय परामर्श लें। नियमित व्यायाम और सक्रिय जीवनशैली को दिनचर्या में शामिल करना भी जोड़ों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकता है।
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