खादी एवं ग्रामोद्योग की बिक्री 16 लाख पंहुची
उदयपुर 9 दिसंबर 2019 । नगर निगम के टाउन हॉल प्रांगण में चल रही खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी में इस बार भी धरियावद समग्र विकास परिषद द्वारा बनाई गई कामदार दरियां और आसन धूम मचा रहे हैं। रविवार तक मेले की बिक्री 16 लाख पंहुच गयी।
धरियावद से आए कन्हैया लाल मीणा और मुकेश बुनकर ने बताया कि उनके पास दरिया, बेडशीट, आसन, कंबल, जैकेट, कोट, देसी रजाई, जाजम, रंगीन रेजा, कुर्ता, पायजामा, टावेल, बेडशीट इत्यादि कई तरह के उत्पाद बिक्री के लिए लाए गए हैं।
उदयपुर की जनता मे ज्यादातर डिमांड कामदार दरिया तथा आसन की रहती है। उन्होंने बताया कि वह पिछले 17 सालों से उदयपुर के खादी मेले में आ रहे हैं। उनके 17 सालों के अनुभव में यही देखने को मिला कि यहां के लोग कामदार दरियां और आसन सबसे ज्यादा पसंद करते हैं। इसके अलावा कंबल, जैकेट और देसी रजाई की भी डिमांड यहां अधिक रहती है।
उन्होंने बताया कि उनके पास 15 बाई 8 की सबसे बड़ी दरी बिक्री के लिए उपलब्ध है जिसकी कीमत 7200 रूपयें है लेकिन राजस्थान सरकार द्वारा 50 परसेंट डिस्काउंट दिए जाने के बाद यह दरी मात्र 3600 रूपयें में ग्राहकों को उपलब्ध हो रही है। इसलिए इस बार इनकी बिक्री और ज्यादा बढ़ने की संभावना है। इसी तरह से आसन जो दो बाई डेढ साईज का है जिसकी असल कीमत 200 रूपयें है लेकिन 50 प्रतिशत डिस्काउंट के बाद यह 100 रूपयें में उपलब्ध है।
मेला संयोजक गुलाबसिंह गरासिया ने बताया कि रविवार तक मेले में खादी उत्पादों की बिक्री 12.07 लाख एवं ग्रामोद्योग इकाईयों की बिक्री 4 लाख 36 हजार रूपये तक पंहुच गयी थी।