गीतांजलि में हुआ राजस्थान का सबसे बड़ा न्यूरोएंडोस्कोपी कैडैवर वर्कशॉप

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GMCH Neuro Event

 

Udaipur Times, GMCH News: गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के न्यूरोसर्जरी विभाग द्वारा 11 एवं 12 जुलाई को दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन "उदयपुर न्यूरोसर्जरी अपडेट 2026" का सफल आयोजन किया गया। सम्मेलन के ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ. गोविंद मंगल तथा ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. गौरव गुप्ता (विभाग, न्यूरोसर्जरी) रहे। सम्मेलन का मुख्य विषय न्यूरोएंडोस्कोपी रहा, जिसमें देशभर के लगभग 100 से 110 प्रतिष्ठित न्यूरोसर्जन, न्यूरोफिजिशियन एवं रेजिडेंट चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के पहले दिन विभिन्न वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए गए, जिनमें विशेष रूप से क्रेनियोवर्टिब्रल जंक्शन (सीवी जंक्शन) एनोमली, न्यूरोएंडोस्कोपी (क्रेनियल), न्यूरोएंडोस्कोपी (स्पाइन), एपिलेप्सी एवं न्यूरोवैस्कुलर सर्जरी विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान, केस-आधारित चर्चा तथा इंटरैक्टिव पैनल डिस्कशन आयोजित किए गए। सत्रों में कॉम्प्रिहेंसिव जॉइंट ड्रिलिंग इन हाई ऑब्लिक सी1–सी2 जॉइंट्स, एंडोस्कोपिक पिट्यूटरी सर्जरी, ट्रांसऑर्बिटल न्यूरोएंडोस्कोपिक स्कल बेस सर्जरी, यूबीई (यूनिलेटरल बाइपोर्टल एंडोस्कोपिक) स्पाइन सर्जरी, एंडो-टीएलआईएफ, एपिलेप्सी सर्जरी, एवीएम रेडियोसर्जरी, फ्लो डाइवर्टर ट्रीटमेंट, हाइब्रिड अप्रोच टू सेरेब्रल एन्यूरिज्म सहित आधुनिक न्यूरोसर्जिकल तकनीकों पर विस्तृत चर्चा हुई। शाम को न्यूरोवैस्कुलर एवं एपिलेप्सी विषयों पर विशेष व्याख्यान आयोजित किए गए, इसके पश्चात उद्घाटन समारोह, दीप प्रज्ज्वल एवं सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ।

दूसरे दिन गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के एनाटॉमी विभाग में अत्याधुनिक हैंड्स-ऑन कैडैवरिक वर्कशॉप आयोजित की गई। इस कार्यशाला में 50 भावी न्यूरोसर्जनों ने भाग लिया। वर्कशॉप में 10 कैडैवर पर न्यूरोएंडोस्कोपिक स्पाइन एवं क्रेनियल प्रक्रियाओं का हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण कराया गया। कार्यशाला में यूबीई, पीएसएलडी, स्कल बेस (एंडोनैजल), स्कल बेस (ट्रांसऑर्बिटल) तथा क्रेनियोवर्टिब्रल जंक्शन (सीवीजे) पर विशेषज्ञों द्वारा चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया गया, जिससे प्रतिभागियों को जटिल न्यूरोसर्जिकल तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।

आयोजकों के अनुसार यह केवल दक्षिण राजस्थान ही नहीं, बल्कि पिछले लगभग 20 वर्षों में राजस्थान में आयोजित अपनी तरह का पहला एवं सबसे बड़ा न्यूरोसर्जिकल कैडैवर वर्कशॉप रहा। राष्ट्रीय स्तर के अनेक सम्मेलनों में भी इतनी बड़ी संख्या में कैडैवर उपलब्ध नहीं हो पाते, जबकि इस सम्मेलन में प्रतिभागियों को व्यापक हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण का अवसर मिला।

सम्मेलन में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से विशेषज्ञों ने भाग लिया। इनमें डॉ. दीपक सिंह (हेड, न्यूरोसर्जरी एवं सेक्रेटरी, न्यूरोट्रॉमा सोसायटी, आरएमएल, लखनऊ), डॉ. राशिम कटारिया, डॉ. अवधेश जायसवाल, डॉ. प्रकाश नायर, डॉ. श्याम बोदलीवाला, डॉ. विजय सरदाना (प्रोफेसर एवं हेड, न्यूरोलॉजी, कोटा मेडिकल कॉलेज), डॉ. अचल शर्मा (पूर्व हेड, एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर), डॉ. अनीस जुक्करवाला (प्रोफेसर एवं हेड, न्यूरोलॉजी), डॉ. आदित्य गुप्ता (हेड, डिपार्टमेंट ऑफ एपिलेप्सी सर्जरी, आर्टेमिस हॉस्पिटल, दिल्ली), डॉ. अचल गुप्ता, डॉ. मोहम्मद अंजार, डॉ. राहुल आहलूवालिया, डॉ. बृजेश सोनी (हेड, न्यूरोइंटरवेंशन एवं इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी, गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल) सहित अनेक राष्ट्रीय विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

सम्मेलन में दिल्ली, जयपुर, लखनऊ, बेंगलुरु, केरल, अलीगढ़, कोटा सहित देश के विभिन्न राज्यों से फैकल्टी एवं प्रतिभागियों ने भाग लिया। वहीं कश्मीर, देहरादून, गुजरात सहित अनेक राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने कैडैवर प्रशिक्षण में सक्रिय सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम की सफलता में गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री अंकित अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके निरंतर प्रोत्साहन एवं संस्थान के सहयोग से इतने बड़े स्तर पर इस सम्मेलन का सफल आयोजन संभव हो सका। साथ ही संस्थान के एनाटॉमी विभाग, विभागाध्यक्षों, वरिष्ठ संकाय सदस्यों तथा पूरी आयोजन समिति का विशेष योगदान रहा। आयोजकों ने एनाटॉमी विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए बड़े स्तर के कैडैवर सहयोग को इस सम्मेलन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया।

आयोजन समिति ने बताया कि उदयपुर न्यूरोसर्जरी अपडेट 2026 की शानदार सफलता के बाद अब इसके अगले संस्करण को और अधिक व्यापक एवं राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है।

Disclaimer: यह समाचार गीतांजलि हॉस्पिटल द्वारा साझा की गई जानकारी/प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। इसमें उल्लिखित योजनाएं, सेवाएं एवं भविष्य की संभावनाएं संबंधित संस्थान के दावों के अनुसार हैं। किसी भी चिकित्सा निर्णय या उपचार के लिए योग्य चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।

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