RBI ने ब्याज दर में 0.25% की कटौती की

रेपो रेट कम होने की घोषणा के बाद सभी तरह के लोन सस्ते हो जाएंगे
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नई दिल्ली 5 दिसंबर 2025। रिजर्व बैंक ने नई ब्याज दरों की घोषणा करते हुए रेपो रेट (Repo Rate) को 0.25% घटाकर 5.25% कर दी है। ब्याज दरों में इस बार 25 बेसिस पॉइंट की कमी की गई है। 

ब्याज दरों की घोषणा रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक खत्म होने के बाद की। रिजर्व बैंक की रेपो रेट कम होने की घोषणा के बाद सभी तरह के लोन सस्ते हो जाएंगे। मौद्रिक नीति समिति (MPC) की पिछली बैठक 1 अक्टूबर को हुई थी। उसमें रिजर्व बैंक ने रेपो दर 5.5% पर स्थिर रखी थी।

रेपो रेट में कटौती के बाद 20 साल के 20 लाख रूपये के लोन पर EMI 310 रुपए तक घट जाएगी। इसी तरह 30 लाख रूपये के लोन पर EMI 465 रुपए तक घट जाएगी। नए और मौजूदा ग्राहकों दोनों को इसका फायदा मिलेगा।

क्या है रेपो रेट?

रेपो रेट वह दर होती है, जिस पर RBI दूसरे बैंकों को लोन देता है। जब रेपो रेट बढ़ती है, तो बैंकों को RBI से मिलने वाला लोन महंगा हो जाता है। ऐसे में वे इसका बोझ ग्राहकों पर डालते हैं। वे होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन जैसे सभी लोन पर ब्याज दरों को बढ़ा देते हैं। रिजर्व बैंक महंगाई में कमी लाने के लिए बाजार में लिक्विडिटी घटाता है। ऐसा वह रेपो रेट बढ़ाकर करता है।

क्या है रिवर्स रेपो रेट?

बैंकों के पास जब दिन-भर के कामकाज के बाद कुछ रकम बची रह जाती है तो उसे वे रिजर्व बैंक में जमा करा देते हैं। इस रकम पर RBI उन्हें ब्याज देता है। केंद्रीय बैंक से इस रकम पर जिस दर से बैंकों को ब्याज देय होता है, उसे रिवर्स रेपो रेट (Reverse Repo Rate) कहते हैं। इस रेट के घटने या बढ़ने का सीधा असर आप पर नहीं पड़ता। दरअसल, जब बाजार में नकदी कम करनी होती है तो रिजर्व बैंक रिवर्स रेपो रेट बढ़ा देता है। इससे बैंक ज्यादा ब्याज कमाने के लिए अपनी रकम उसके पास जमा करा देते हैं।

CRR क्या है?

देश की बैंकों को अपनी कुल नकदी का एक हिस्सा रिजर्व बैंक के पास जमा रखना होता है। बैंक कितनी नकदी रिजर्व बैंक के पास जमा करेगा, इसे तय करने का फार्मूला Cash Reserve Ratio या CRR कहलाता है। रिजर्व बैंक ने ये नियम इसलिए बनाए हैं, जिससे किसी भी बैंक में बहुत बड़ी संख्या में ग्राहकों को रकम निकालने की जरूरत पड़े तो बैंक पैसे देने से मना न कर सके।

Source: Media Reports

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