बाल निगलने की आदत बनी गंभीर बीमारी का कारण, गीतांजलि हॉस्पिटल में सफल सर्जरी

 | 
GMCH

 

Udaipur Times, GMCH News:  गीतांजलि हॉस्पिटल के जीआई सर्जन डॉ. हेमंत जैन एवं उनकी टीम ने एक 17 वर्षीय किशोरी का सफल ऑपरेशन कर उसे नया जीवन प्रदान किया। किशोरी गंभीर कमजोरी की शिकायत के साथ अस्पताल पहुंची थी। जांच में उसका हीमोग्लोबिन मात्र 6 ग्राम प्रति डेसीलीटर (g/dL) पाया गया, जो सामान्य स्तर से काफी कम था।

विस्तृत जांच के दौरान पता चला कि मरीज एक अत्यंत दुर्लभ चिकित्सीय स्थिति से पीड़ित थी, जिसमें उसे बार-बार अपने बाल खींचने और उन्हें निगलने की आदत थी। समय के साथ निगले गए बाल उसके पेट में जमा होकर एक विशाल गांठ (ट्राइकोबेज़ोआर/Trichobezoar) का रूप ले चुके थे। यह दुर्लभ स्थिति कई मामलों में रापुन्ज़ेल सिंड्रोम (Rapunzel Syndrome) से भी जुड़ी हो सकती है, जिसमें बालों का गुच्छा पेट से आगे आंतों तक फैल सकता है।

डॉ. हेमंत जैन ने बताया कि पेट में बालों के बड़े गुच्छे के कारण मरीज को पोषण नहीं मिल पा रहा था, जिसके चलते उसका हीमोग्लोबिन लगातार गिरता गया और वह अत्यधिक कमजोरी का शिकार हो गई। समय पर सही जांच और सर्जरी के निर्णय से ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया तथा पेट से बालों का पूरा गुच्छा निकाल दिया गया।

सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है और वह चिकित्सकीय निगरानी में स्वस्थ हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार के मामलों में शारीरिक उपचार के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक परामर्श भी आवश्यक होता है, ताकि भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा न हो।

डॉ. हेमंत जैन ने अभिभावकों से अपील की कि यदि बच्चों या किशोरों में अत्यधिक बाल झड़ने, बार-बार बाल खींचने, बाल चबाने या निगलने जैसी आदत दिखाई दे, तो इसे नजरअंदाज न करें। समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लेकर इस दुर्लभ लेकिन गंभीर समस्या का समय रहते उपचार किया जा सकता है।

Disclaimer: यह समाचार गीतांजलि हॉस्पिटल द्वारा साझा की गई जानकारी/प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। इसमें उल्लिखित योजनाएं, सेवाएं एवं भविष्य की संभावनाएं संबंधित संस्थान के दावों के अनुसार हैं। किसी भी चिकित्सा निर्णय या उपचार के लिए योग्य चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News