वेदांता ने अपने कर्मचारियों को 2,500 करोड़ का इक्विटी ग्रांट दिया
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अपने कर्मचारियों को भारत का सबसे बड़ा इक्विटी ग्रांट
रु1 में शेयर दिए गए, जो भारत में एम्पलॉयी स्टॉक ऑप्शन स्कीम का सबसे कम मूल्य है
हालिया वेस्टिंग साइकिल में शेयर की कीमत 80 फीसदी बढ़ी
एम्पलॉयी स्टॉक ऑप्शन स्कीम 2022 वेस्टिंग से रु 300 करोड़ से अधिक की संपत्ति बनी
2025 में 1,200 लोगों को पहली बार एम्पलॉयी स्टॉक ऑप्शन स्कीम का फायदा मिला
नई दिल्ली 21 जनवरी 2026। भारत के अग्रणी मैटल्स, ऑयल एंड गैस, क्रिटिकल मिनरल्स, पावर एवं टेक्नोलॉजी सदन वेदांता लिमिटेड ने 2020 के बाद से लगातार एम्पलॉयी स्टॉक ऑप्शन स्कीम निवेश के माध्यम से कर्मचारियों के लिए पिछले पांच सालों में तकरीबन रु 2500 करोड़ का समग्र आर्थिक प्रभाव उत्पन्न किया है, जो भारत में सम्पत्ति सृजन की सबसे बड़ी पहलों में से एक है। हाल ही में, एम्पलॉयी स्टॉक ऑप्शन स्कीम 2025 के तहत रु 500 करोड़ से अधिक के स्टॉक विकल्प शामिल किए गए हैं, जिससे फ्रैशर्स सहित 1200 नए प्राप्तकर्ताओं को मदद मिली है।
वेदांता का एम्पलॉयी स्टॉक ऑप्शन स्कीम मॉडल देश के सबसे समावेशी मॉडल्स में से एक है, जो प्लांट, फंक्शन्स एवं करियर के स्तर पर 40 फीसदी कार्यबल को कवर करता है। 20 साल से अधिक एम्पलॉयी स्टॉक ऑप्शन स्कीम एडमिनिस्ट्रेशन के साथ, एम्प्लॉयी ओनरशिप कंपनी की संस्कृति में शामिल हो गई है। यह फ्रैशर्स एवं शुरुआती करियर वाले उन पेशेवरों को अनुदान देता है, जो स्टैंडर्ड तीन साल के वेस्टिंग साइकिल में निर्धारित वेतन के 30 फीसदी आवंदट हेतु योग्य हैं। इस तरह वेदांता उन चुनिंदा कंपनियों में से एक बन गई है जो रिकॉर्ड वेस्टिंग पीरियड के तहत फ्रेशर्स को एम्पलॉयी स्टॉक ऑप्शन देती है।
वेदांता की एम्पलॉयी स्टॉक ऑप्शन स्कीम संरचना की खास बात यह है कि ज़बरदस्त डिस्काउन्ट के बाद शेयर 1 रुपये की फेस वैल्यू पर आवंटित किए जाते हैं, जो न्यूनतम निवेशके साथ साझा स्वामित्व एवं दीर्घकालिक सम्पत्ति सृजन के लिए वेदांता की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पिछले कुछ सालों में शेयर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के साथ, खासकर अब जब वेदांता के शेयर ऑल-टाइम हाई पर हैं, एम्पलॉयी स्टॉक ऑप्शन स्कीम ने हजारों कर्मचारियों को ज़िंदगी की बड़ी उपलब्धियां हासिल करने में मदद की है, जैसे घर खरीदना, उच्च शिक्षा, अपनी पहली कार खरीदना, अपने परिवारों को सपोर्ट करना, या लंबे समय के लिए बचत करना।
इस अवसर पर नीरज कुमार, मैनेजर, स्मेल्टिंग ऑपरेशन्स, हिंदुस्तान ज़िंक ने कहा, ‘‘जब मेरा परिवार पटना में घर के लिए रजिस्ट्रेशन पूरा कर रहा था, तब मुझे पैसों की तुरंत ज़रूरत थी। उस समय एम्पलॉयी स्टॉक ऑप्शन स्कीम ही सबसे ज़्यादा काम आया। तीन साल पहले जब ये विकल्प दिए गए थे, तब मुझे इनकी क्षमता का अहसास नहीं हुआ। लेकिन फिर वेदांता के शेयर तेज़ी से बढ़ कर रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गए, और मैने सही समय पर इनका इस्तेमाल किया। इस तरह मेरे परिवार की महत्वाकांक्षाएं साकार करने में मदद मिली। मेरे पिता को भी यह देखकर गर्व का अनुभव हुआ कि कैसे मेरी कंपनी मेरा साथ दे रही है। बहुत की कम कंपनियां ऐसी होती हैं जो अपने कर्मचारियों को सम्पत्ति बनाने के ऐसे समावेशी अवसर प्रदान करती हैं।’’
एम्पलॉयी स्टॉक ऑप्शन स्कीम 2022 के सबसे हालिया वेस्टिंग साइकिल में शेयरों की कीमत में लगभग 80 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जिससे कर्मचारियों के लिए रु300 करोड़ से ज़्यादा की संपत्ति बनी। यह संगठन के परफॉर्मेंस और कर्मचारियों को मिलने वाले रिवार्ड के बीच मजबूत संबंधों को दर्शाता है।
यह दृष्टिकोण कर्मचारियों को सशक्त बनाने, करियर में तरक्की की रफ्तार बढ़ाने और पूरे संगठन में, खासकर युवा पेशेवरों और महिलाओं को एक समान आर्थिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में-वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के विज़न की पुष्टि करता है।
हजारों कर्मचारियों के लिए एम्पलॉयी स्टॉक ऑप्शन स्कीम एक मजबूत आर्थिक सहारा बनकर उभरा है, जो उनकी एमरजेन्सी ज़रूरतों एवं लॉन्ग टर्म योजनाओं के लिए कारगर साबित हुआ है।
इस अवसर पर बालको में क्वालिटी मैनेजमेंट के एसोसिएट जीएम, एस एम रहमान कासिम ने बताया, “वेदांता के एम्पलॉयी स्टॉक ऑप्शन स्कीम ने मुझे अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसे उपलब्ध कराने का आत्मविश्वास दिया। मेरा एक बेटा रूस में एमबीबीएस कर रहा है और दूसरा गुवाहाटी में पढ़ रहा है। एम्पलॉयी स्टॉक ऑप्शन स्कीम की मदद से मैं बिना किसी आर्थिक तनाव के उनकी ख्वाहिशों को पूरा कर सका हूं।’’
वेदांता एम्पलॉयी स्टॉक ऑप्शन स्कीम प्रोग्राम की परफॉर्मेंस-लिंक्ड संरचना वेदांता के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लगातार योगदान को पहचानती है, जिसमें ऑटोमेशन, डिजिटलाइजेशन, एआई-संचालित इनोवेशन, संचालन उत्कृष्टता और स्थायित्व शामिल हैं।
स्टरलाइट कॉपर में फाइनैंस के एसोसिएट मैनेजर नीलेश भोर ने कहा, “जब मेरे पिता की कार का एक्सीडेंट हुआ और इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट हो गया। कार की मरम्मत का खर्च बहुत ज़्यादा था। उस समय एम्पलॉयी स्टॉक ऑप्शन स्कीम मेरे काम आया, यह सही मायनों में मेरे परिवार के लिए लाईफलाईन साबित हुआ।’
वेदांता भारतीय मैन्युफैक्चरिंग में प्रतिपूर्ति के नियमों को बदल रही है, यह इंजीनियरों, युवा पेशेवरों, प्लांट टीमों और मिडिल मैनेजमेंट के हाथों में इक्विटी ओनरशिप दे रही है। आमतौर पर इन्हें ज़्यादातर उद्योगों में इक्विटी-लिंक्ड रिवॉर्ड्स से बाहर रखा जाता है। लेकिन वेदांता ने उनके लिए सम्पत्ति सृजन सुनिश्चित कर इस विश्वास को मज़बूत बनाया है कि कर्मचारियों को उस मूल्य का सीधा लाभ मिलना चाहिए, जिसे बनाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान है।
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