ज्वैलर की हत्या-लूट का तीसरा आरोपी गिरफ्तार


ज्वैलर की हत्या-लूट का तीसरा आरोपी गिरफ्तार

थाने से भागते समय आरोपी का पैर टूटा, 80 लाख का सोना लूटकर की थी ज्वैलर की हत्या
 
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उदयपुर। अशोक नगर स्थित जैनम ज्वैलर्स के यहां हुई लूट और दुकान मालिक की हत्या के मामले में भूपालपुरा थाना पुलिस ने मंगलवार को तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। थानाधिकारी मुकेश सोनी के नेतृत्व में आरोपी आशीष चौधरी निवासी रोहतक हरियाणा को हरियाणा के कैथल से गिरफ्तार किया है। जहां से आरोपी को पकड़कर पुलिस उदयपुर लाई। 

पुलिस आरोपी आशीष चौधरी को भूपालपुरा थाने लाकर थाने की जेल में बंद करने ही वाली थी। तभी आरोपी ने कांस्टेबल को धक्का दिया और थाने की दीवार फांदकर भागने लगा। इसी दौरान आरोपी का पैर फ्रेक्चर हो गया। पुलिस ने उसे थाना परिसर में पकड़ लिया और इलाज के लिए एमबी हॉस्पिटल भर्ती करवाया। जहां उसके पैर में प्लास्टर चढ़ाया गया है। 

पुलिस ने बताया कि आरोपी उदयपुर में ज्वैलर की हत्या लूट के बाद फरार होकर दिल्ली पहुंच गया था। यहां उसने कई सरकारी हॉस्पिटल में रात गुजारकर फरारी काटी। ताकि किसी को पता नहीं लगे। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है कि जिसमें कई खुलासे हो सकते हैं। पुलिस ये पता करेगी कि आरोपी ने इससे पहले कितनी लूट सहित अन्य घटनाओं को अंजाम दिया। साथ ही इस मामले में उनके साथ और किन लोगों की भूमिका रही है। 

सीआईएसएफ जवान भी शामिल था

मामले में 2 आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं। जिसमें आरोपी विकास चौधरी सीआईएसएफ का जवान है जो मुंबई में कार्यरत था और डकैती डालने के लिए उदयपुर आया था। आरोपी विकास ने ज्वैलर की हत्या और सोना लूटने के बाद भागते हुए चारभुजा मंदिर की गली में साजिद पर फायर कर स्कूटी छीनकर भागने का प्रयास किया था। तभी पुलिस ने पीछा करते हुए विकास को गिरफ्तार कर लिया था। दूसरे आरोपी संदीप चौधरी को पुलिस ने 29 मार्च 2024 को रोहतक से गिरफ्तार किया था। तीनों ही आरोपी हरियाणा के रोहतक निवासी है जिन्होंने मिलकर उदयपुर में ज्वैलर के यहां लूट की घटना प्लान की थी। 
सट्टे का कर्जा उतारने के लिए की थी लूट

21 मार्च को सीआईएसएफ जवान विकास चौधरी ने अपने साथी आशीष चौधरी और संदीप चौधरी के साथ मिलकर अशोक नगर स्थित जैनम ज्वैलर्स में करीब 80 लाख रुपए कीमत सोने के करीब डेढ़ किलो जेवर लूट लिए थे। इस दौरान आरोपियों ने दुकान मालिक अनिल जैन की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। विकास और आशीष क्रिकेट में सट्टा लगाने के आदि थे। दोनों पर करीब 35 लाख रुपए का कर्जा था। इसे उतारने के लिए आरोपियों ने लूट की योजना बनाई थी। वारदात के बाद तीनों पैदल लेकसिटी मॉल के पास पहुंच गए। वहां पुलिसकर्मी भंवर विश्नोई ने इन्हें संदिग्ध मानकर पूछताछ की तो आरोपी पुलिसकर्मी को धक्का देकर आयड़ क्षेत्र के गली-मोहल्लों में घुस गए। वहीं भागते समय लोगों ने विकास को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। जबकि उसके दो साथी मौके से फरार हो गए थे।

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