राजस्थान में नार्को-टेररिज्म पर बड़ा प्रहार, 9 माह में 7502 ड्रग तस्कर गिरफ्तार

5951 NDPS केस, 30 MD फैक्ट्रियां ध्वस्त, 692 करोड़ की ड्रग्स बरामद
 | 
Narco terrorism

 

Udaipur Times, Rajasthan News: 15 जुलाई 2026 । युवा पीढ़ी और राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर करने की साजिश यानी ‘नार्काे-टेररिज्म‘ के खिलाफ अभियान में राजस्थान ने पूरी मुस्तैदी से रिकॉर्ड कार्रवाईयों को अंजाम दिया है। Rajasthan News

गत 31 मार्च, 2026 से शुरू किए गए देशव्यापी तीन वर्षीय नशा मुक्ति अभियान के लक्ष्य को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान में अवैध नशे के सौदागरों के खिलाफ मिशन मोड ऑन कर दिया है। अक्टूबर, 2025 में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के गठन के बाद प्रदेश में एनडीपीएस के 5 हजार 951 प्रकरण दर्ज कर 7 हजार 502 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। Anti Narcotics Task Force

राजस्थान पुलिस द्वारा भावी पीढ़ियों की सेहत और सामाजिक स्थिरता पर सुनियोजित प्रहार को रोकने के लिए सीमा पार तस्करी एवं संगठित अपराध के खिलाफ लगातार रिकॉर्ड कार्रवाईयां की जा रही हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विशेष रूप से प्रशिक्षित स्थायी टीमों, पुख्ता अनुसंधान और मजबूत सूचना तंत्र से एएनटीएफ नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क, उत्पादन, परिवहन, वितरण से लेकर उपभोग की सप्लाई चेन पर एक साथ प्रहार कर रही है। Rajasthan News

ANTF ने 9 माह में की बड़ी कार्रवाइयां-

ANTF द्वारा गठन के बाद 515 कार्रवाइयां कर 703 तस्कर गिरफ्तार किए। वहीं, एएनटीएफ व जिला पुलिस द्वारा 9 माह में 5 हजार 951 कार्रवाइयां कर 7 हजार 502 तस्करों को गिरफ्तार किया गया। एएनटीएफ द्वारा 9 माह में ही 10 एमडी फैक्ट्रियां पकड़ी गई। जिला पुलिस के साथ कुल 30 एमडी फैक्ट्रियों को जमींदोज किया गया। गठन से अब तक कुल 692 करोड़ 2 लाख 30 हजार 201 रुपए के अवैध मादक पदार्थ जब्त किए गए। प्रदेश में 17 बड़े अभियान चलाकर नशे की अवैध खेती को जड़ से ध्वस्त किया गया। Anti Narcotics Task Force

मादक पदार्थ बरामद-

डोडा-चूराः 127491 किलोग्राम
अफीमः 838 किलोग्राम
गांजाः 7563 किलोग्राम
हेरोइनः 82 किलोग्राम 
स्मैकः 46 किलोग्राम
नशीली टैबलेट्सः 1 लाख 80 हजार 843
सिंथेटिक ड्रग्स पर प्रहार
एमडीः 296 किलोग्राम 
एमडीएमएः 16 किलोग्राम 
2-ब्रोमोः 410 किलोग्राम
कास्टिक सोडाः 45 किलोग्राम
तरल केमिकलः 406 किलोग्राम

पीड़ितों का सम्बल- मानस हेल्पलाइन 

नशे की दलदल में फंसे युवाओं को बाहर निकालने और तस्करों की गुप्त सूचनाएं देने के लिए मानस हेल्पलाइन (1933) एक संजीवनी साबित हो रही है। इसके जरिए पूर्ण गोपनीयता के साथ सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। यहां लोगों को उपचार सम्बंधी मार्गदर्शन, काउंसलिंग और पुनर्वास की सटीक जानकारी मिल रही है। ANTF द्वारा नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत ऑपरेशन लक्ष्मण रेखा में 157 षिविर लगा कर नशे के खतरे के प्रति लोगों को जागरूक भी किया गया। Anti Narcotics Task Force

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News