उदयपुर में चरागाह भूमि का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया

एसीबी ने तत्कालीन सरपंच सहित छह आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की

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ACB

उदयपुर, 6 जनवरी 2026। उदयपुर जिले की बेदला ग्राम पंचायत में चरागाह भूमि के पट्टे जारी करने में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। तत्कालीन सरपंच बंशीलाल कुम्हार और ग्राम सचिव ओंकार सिंह चौहान पर पद और अधिकारों का दुरुपयोग कर नियमों के विपरीत 60 अपात्र व्यक्तियों को वर्ष 1989 से 1991 के बीच चरागाह भूमि के निशुल्क पट्टे जारी करने का आरोप है।

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने लाभार्थियों से आपसी मिलीभगत कर आपराधिक षड्यंत्र रचा और राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम के प्रावधानों की अनदेखी करते हुए पट्टे जारी किए।

नियमानुसार चरागाह भूमि का अन्य उपयोग तभी संभव है, जब जिला कलेक्टर से भूमि परिवर्तन की स्वीकृति लेकर पंचायत की बैठकों में अनुमोदन और सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी प्राप्त हो, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की जांच के बाद तत्कालीन सरपंच सहित छह आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 और आईपीसी की संबंधित धाराओं में आरोप प्रमाणित पाए गए। आरोपियों में तत्कालीन सरपंच बंशीलाल कुम्हार, उनके पुत्र सहित अन्य लाभार्थी शामिल हैं।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो उदयपुर रेंज के निर्देश पर आरोपियों के खिलाफ विशेष न्यायालय, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, उदयपुर में चार्जशीट पेश की गई है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी इसी प्रकरण से जुड़े अन्य मामलों में आरोपियों को दोषी ठहराया जा चुका है।

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