जल जीवन मिशन घोटाले में एसीबी की कार्रवाई, 9 आरोपी गिरफ्तार
जयपुर समेत कई शहरों में एक साथ छापे, फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर 960 करोड़ के टेंडर लेने का आरोप
जयपुर 17 फरवरी 2026 । भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने जल जीवन मिशन में हुए हजारों करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार मामले में मंगलवार अल सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई प्रकरण संख्या 245/2024 में अनुसंधान के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई। एसीबी की करीब डेढ़ दर्जन टीमों ने जयपुर, बाड़मेर, उदयपुर, करौली, दिल्ली सहित अन्य राज्यों में एक साथ दबिश दी।
गिरफ्तार आरोपियों में दिनेश गोयल (मुख्य अभियंता प्रशासन), के.डी. गुप्ता (मुख्य अभियंता ग्रामीण), सुभांशु दीक्षित (तत्कालीन सचिव आरडब्ल्यूएसएसएमसी, वर्तमान अतिरिक्त मुख्य अभियंता जयपुर क्षेत्र-द्वितीय), सुशील शर्मा (वित्तीय सलाहकार अक्षय ऊर्जा), निरिल कुमार (मुख्य अभियंता चूरू), विशाल सक्सेना (अधिशासी अभियंता, वर्तमान में निलंबित), अरुण श्रीवास्तव (अतिरिक्त मुख्य अभियंता, सेवानिवृत्त), डी.के. गौड़ (तत्कालीन मुख्य अभियंता व तकनीकी सदस्य, सेवानिवृत्त) तथा महेंद्र प्रकाश सोनी (तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, सेवानिवृत्त) शामिल हैं।
अनुसंधान में सामने आया कि मैसर्स श्री गणपति ट्यूबवैल कंपनी के प्रोपराइटर महेश मित्तल और मैसर्स श्री श्याम ट्यूबवैल कंपनी के प्रोपराइटर पदमचंद जैन द्वारा इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के फर्जी कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र तैयार कर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के उच्च अधिकारियों से मिलीभगत की गई। इन फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर करीब 960 करोड़ रुपये के टेंडर हासिल किए गए और करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि पीएचईडी के अधिकारियों ने आपराधिक मंशा से 50 करोड़ रुपये से अधिक के मेजर प्रोजेक्ट्स की निविदाओं में साइट विजिट प्रमाण पत्र की बाध्यता नियमों के विरुद्ध शामिल कर बोलीदाताओं की पहचान उजागर की। इससे टेंडर पूलिंग कर अप्रत्याशित रूप से ऊंचा टेंडर प्रीमियम प्राप्त किया गया, जिसे विभागीय अधिकारियों ने अनुमोदित किया। इससे हजारों करोड़ रुपये के व्यापक भ्रष्टाचार के तथ्य सामने आए हैं। मामले के त्वरित और प्रभावी अनुसंधान के लिए पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया, जिसने तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। एसीबी पूर्व में भी जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार के खिलाफ ट्रैप कार्रवाई कर प्रकरण संख्या 215/2023 दर्ज कर चुकी है, जिसमें 11 आरोपियों और दो फर्मों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था।
महानिरीक्षक पुलिस द्वितीय राजेश सिंह और उपमहानिरीक्षक पुलिस प्रथम डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में एसआईटी ने कार्रवाई को अंजाम दिया। अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में आरोपियों से विस्तृत पूछताछ और अग्रिम कार्रवाई जारी है।
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