नगर निगम भूखंड के फर्जी दस्तावेजों के मामले में आरोपी गिरफ्तार

जांच में यह खुलासा हुआ कि आरोपी राजेंद्र धाकड़ ने नगर निगम के दस्तावेजों में फेरबदल करके फर्जी नाम से लीज डीड और नामांतरण पत्र जारी करवाए थे
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SHO arrest

उदयपुर, 29 नवंबर 2024। नगर निगम उदयपुर के भूखण्ड संख्या 546, हिरणमगरी सेक्टर 11 से जुड़े धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने एक प्रमुख आरोपी किशन लाल गमेती को गिरफ्तार किया है। प्रार्थी अनिल कचौरिया की शिकायत के आधार पर पुलिस थाना सविना में मामला दर्ज हुआ था, जिसमें यह आरोप लगाया गया था कि राजेंद्र धाकड़ ने नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और भूखण्ड की रजिस्ट्री उनके नाम पर करवा ली। इसके अलावा, आरोपी ने उनसे 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी।

मामले में अनुसंधान की जिम्मेदारी एसओजी (विशेष ऑपरेशन ग्रुप) को सौंपी गई, जिसकी निगरानी परिस देशमुख, उप महानिरीक्षक पुलिस एसओजी, राजस्थान, जयपुर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्वाति शर्मा के तहत की गई। 

जांच में यह खुलासा हुआ कि आरोपी राजेंद्र धाकड़ ने नगर निगम के दस्तावेजों में फेरबदल करके फर्जी नाम से लीज डीड और नामांतरण पत्र जारी करवाए थे। बाद में इन दस्तावेजों का इस्तेमाल करके अभियुक्त ने अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर धोखाधड़ी की।

आरोपी किशन लाल गमेती ने धोखाधड़ी की रकम को अपने बैंक खाते में जमा किया और बाद में नगद निकालकर अन्य आरोपियों को भेजा। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी किशन लाल गमेती ने स्वीकार किया कि उसने धोखाधड़ी से प्राप्त राशि को पूर्व में गिरफ्तार किए गए आरोपी राकेश सोलंकी और विक्रम ताकडिया तक पहुँचाया।

उदयपुर पुलिस ने आरोपी किशन लाल गमेती को 26 नवम्बर 2024 को गिरफ्तार किया है, और वह फिलहाल पुलिस अभिरक्षा में है। इस मामले में आगे की जांच जारी है। एसओजी यूनिट उदयपुर के अधिकारियों महेन्द्र सिंह, ललित कुमार, प्रदीप सिंह, जसवंत सिंह, पवन कुमार और ईला सिंह ने आरोपी की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एसओजी द्वारा इस मामले की गहरी जांच की जा रही है और जल्द ही अन्य अभियुक्तों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है।

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