शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के तहत कार्रवाई लगातार जारी

4 फर्मो के विरुद्ध माननीय न्यायालय में चालान पेश

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Food Safety Department Udaipur conducting inspection under Shuddh Aahar Milawat Par War campaign

उदयपुर ,13 जनवरी 2026 - आयुक्त महोदया खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण जयपुर‌ डॉ.टी.शुभमंगला के निर्देश पर जिला कलक्टर नमित मेहता एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अशोक आदित्य के निर्देश अनुसार शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के तहत कार्रवाई निरन्तर जारी है।

इस क्रम में पिछले दिनों भोपालवाडी धानमंडी स्थित मैसर्स -- रवि मावा भण्डार पर अशोक कुमार गुप्ता खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा निरीक्षण के दौरान पाया गया कि यहां दूषित मावा को अच्छे मावे के साथ मिलाकर 8-8 किलो की थैलियां बनाकर बाजार में मिठाई विक्रेताओं को बेचने हेतु तैयारी की जा रही थी। मौके पर पहुंचे खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने जांच के दौरान पाया कि उक्त मावा दूषित हो चुका है इस पर मावे उक्त मावे को नष्ट कराते हुए 2 नमूने मावे के इस विक्रेता से लेकर प्रयोगशाला जांच हेतु भेजे गए ।

दोनों ही नमूने प्रयोगशाला जांच में अमानक पाये गये,इस पर फर्म मालिक के खिलाफ 2 प्रकरणों चालान बनाकर माननीय न्यायालय में पेश किए गए। इस प्रकार कल्लडवास रिको इन्डस्ट्रियल एरिया स्थित मैसर्स --भगवती फूड्स से लिया गया गेहूं का आटा अमानक पाये जाने पर तथा -धानमण्डी स्थित मैसर्स मां रांणी मसाला उधोग द्वारा बिना फूड लाइसेंस के लाल मिर्च पाउडर लूज बेचने के जुर्म में चालान माननीय न्यायालय में पेश किया। अब माननीय न्यायालय अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट उदयपुर द्वारा उक्त चारों प्रकरणों में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत अग्रिम कार्रवाई की जावेगी।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अशोक आदित्य ने बताया कि अभियान लगातार जारी रहेगा एवं मिलावटियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जावेगी। नमूना मिसब्रांड पाये जाने पर 3 लाख रुपये तक, सब स्टैण्डर्ड पाये जाने पर 5 लाख, .रुपये तक जुर्माने एवं अनसेफ पाये जाने पर 6 माह से लेकर आजीवन कारावास एवं 1 लाख से लेकर 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अशोक आदित्य ने सभी व्यापारियों से अपील की है कि बिना फूड लाइसेंस के खाध पदार्थ बेचना कानूनी रूप से अपराध है अतः वैध फूड लाइसेंस लेकर ही अपना व्यवसाय करें अन्यथा खाध सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जावेगी। विभाग द्वारा शीघ्र ही फूड लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन हेतु शीघ्र ही कैम्प भी लगाएं जावेंगे, अतः अधिक से अधिक संख्या में कैम्प में पहुंच कर अपने फूड लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन बना सकते हैं।

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