बजरंग दल नेता की हत्या में लिप्त आरोपी गिरफ्तार


बजरंग दल नेता की हत्या में लिप्त आरोपी गिरफ्तार

मुख्य आरोपी प्रीतम उर्फ़ बंटी की तलाश जारी

 
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उदयपुर 13 फरवरी  2023 ।  सोमवार 6 फरवरी 2023 को उदयपुर के रामपुरा क्षेत्र में हुई बजरंज दल नेता राजेंद्र परमार उर्फ़ राजू तेली की दिन दहाड़े हत्या का खुलासा करते हुई पुलिस ने हत्या में शामिल 2 में से एक आरोपी को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने गिरफ्तार किये गए 21 वर्षीय आरोपी विजय मीणा के कब्जे से एक पिस्टल भी बरामद की है। 

इस मोके पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए एसपी उदयपुर विकास शर्मा ने बताया की घटना के बाद से ही पुलिस की अलग अलग टीमें आरोपियों की तलाश कर रही थी। मामले की जांच के दौरान मुखबिर की सुचना पर पुलिस ने आरोपी विजय को गिरफ्तार किया तो वहीँ इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी माने जाने वाला प्रीतम उर्फ़ बंटी अभी भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। 

शर्मा ने बताया की इस मामले में पुलिस ने पूर्व में प्रह्लाद नाम के एक व्यक्ति को आरोपों की मदद करने के लिए गिरफ्तार किया था जिसने दोनों आरोपियों को घटना के बाद कार में बिठाकर छोड़ने की बात कही थी.लेकिन पुलिस की टीमें लगातार इस मामले से जुडी जानकारी जुटाने में लगी हुई थी। घटना के बाद एक प्रीतम उर्फ़ बंटी नाम के व्यक्ति ने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट डालकर हत्या की जिम्मेदारी ली थी। और घटना के ठीक बाद का एक सीसीटीवी  फुटेज भी वाइरल हुआ था जिस से प्रीतम की तो पहचान हो गई थी लेकिन उसके अन्य साथी आरोपी की पहचान नहीं हो पाई थी और पुलिस उसकी पहचान में जुटी हुई थी। 

शर्मा ने बताया विजय कोटपुतली जयपुर ग्रामीण का रहने वाला है, उदयपुर आने के बाद वह बंटी के घर पर ही रहा है ,जहां इस घटना की योजना की गई थी और इनके द्वारा रेकी भी की गई थी, पूर्व में आपराधिक मामलों में लिप्तता के चलते आरोपी विजय जेल में भी रह चूका है। इसे मुख्य आरोपियों द्वारा किसी चीज का लालच देकर उदयपुर लाया गया था और फिर सुनियोजित तरीके से इस घटना को अंजाम दिया गया।  

उन्होंने कहा की अभी तक की जाँच में यह ही सामने आया है की ये मामला प्रॉपर्टी विवाद से जुड़ा हुआ है, इसमें शहर के एक हिस्ट्रीशीटर दिलीप नाथ के इन्वॉल्वमेंट की भी बात सामने आई है, साथ ही रविवार को एक सर्च के दौरान उदयपुर जेल से भी 6 मोबाइल बरामद हुए है, जिस से ये भी लग रहा है की दिलीप नाथ ही जेल से इस घटना को अंजाम दिलवा रहा था। अगर ऐसे किसी बात की पुष्टि हो गई तो दिलीप नाथ के खिलाफ भी कड़ी कार्यवाही की जाएगी।  

गौरतलब है की सोमवार शाम को करीब 6.30 से 7 बजे के बीच  मृतक राजू को किसी का फोन आया जिसके बाद वो अपनी फॉरच्यूनर कार में बैठने लगे तभी दो आरोपियों ने उनकी दूकान 'पिक और ईट' के बाहर उनपर फायर किये और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरातफरी का माहौल हो गया।  पीड़ित राजू को घायल अवस्था में पहले निजी हॉस्पिटल ले जाया गया जहाँ से उन्हें एमबी गवर्नमंट हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहाँ कुछ ही देर में उन्होंने  दम तोड़ दिया।

राजू पर हमला करने वालों हमलावरों के बारे में कई कयास लगाए जा रहे थे तभी देर रात शहर के गोवर्धन विलास थाने के हिस्ट्रीशीटर प्रीतम उर्फ़ बंटी ने  अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट डालकर घटना की जिम्मेदारी ले ली, हालाँकि कुछ ही समय बाद पोस्ट को डिलीट भी कर दिया गया। 

गौरतलब है इस घटना के बाद जेल से मोबाईल का मिलना क्या जेल की सुरक्षा प्रणाली पर एक सवालिया निशान खड़ा नहीं करता? जेल में मोबाइल फोन का मिलना गंभीर विषय है लेकिन क्या ये गंभीर विषय नहीं की ये मोबाइल फोन अंदर पहुँच कैसे रहे है ? और क्या इसकी जाँच नहीं की जानी चाहिए ?

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