उदयपुर में AVVNL JEN 10000रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

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AVVNL JEN Arrest

 

Udaipur Times, Crime News: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की उदयपुर इकाई ने सोमवार को कार्रवाई करते हुए AVVNL के JEN को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी सागर मीणा AVVNL के देबारी कार्यालय में JEN के पद पर कार्यरत है। ACB ने आरोपी के उदयपुर और बांसवाड़ा स्थित आवासीय मकान एवं फ्लैट पर भी तलाशी कार्रवाई शुरू की है।

घरेलू बिजली कनेक्शन के लिए मांगी थी रिश्वत

ACB महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता ने बताया कि उदयपुर ACB को शिकायत मिली थी कि परिवादी के खाम की मादड़ी स्थित निर्माणाधीन मकान पर घरेलू विद्युत कनेक्शन करने के बदले JEN सागर मीणा रिश्वत की मांग कर रहा है।

परिवादी ने बताया कि उसने e-Mitra के माध्यम से घरेलू विद्युत कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। इसके बाद 18 अगस्त को JEN सागर मीणा और लाइनमैन प्रेमजी ने मौके पर पहुंचकर सर्वे किया। अधिकारियों ने विद्युत कनेक्शन के लिए डीपी और पोल लगाए जाने की आवश्यकता बताई।

35 हजार से शुरू हुई मांग, 15 हजार पर सौदा

शिकायत के अनुसार, JEN ने सरकारी डिमांड राशि के अतिरिक्त 35 हजार रुपये खर्चा-पानी के रूप में देने की मांग की। बाद में परिवादी अपने मित्र के साथ आरोपी से मिला तो बातचीत के दौरान रिश्वत की रकम घटाकर 15 हजार रुपये कर दी गई।

आरोप है कि JEN ने परिवादी से कहा कि जब तक रिश्वत की राशि नहीं दी जाएगी, तब तक फाइल आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।

पहले लिए 5 हजार, अब 10 हजार लेते पकड़ा

परिवादी की शिकायत का ACB ने सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। सत्यापन के दौरान आरोपी ने अपने कार्यालय में परिवादी से 5 हजार रुपये रिश्वत के रूप में ले लिए थे। शेष 10 हजार रुपये बाद में देना तय हुआ था।

इसके बाद ACB ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। उप महानिरीक्षक पुलिस डॉ. रामेश्वर सिंह के पर्यवेक्षण और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनन्त कुमार के निर्देशन में पुलिस निरीक्षक रामसुमेर मीणा के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की।

कार्यालय में 10 हजार रुपये लेते दबोचा

ट्रैप कार्रवाई के दौरान आरोपी सागर मीणा को उसके कार्यालय में परिवादी से शेष 10 हजार रुपये नकद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। ACB ने रिश्वत की राशि बरामद कर ली है।

आरोपी के घरों पर भी तलाशी

ACB की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला के पर्यवेक्षण में आरोपी के उदयपुर और बांसवाड़ा स्थित आवासीय मकान एवं फ्लैट की सघन तलाशी ली जा रही है। आरोपी से पूछताछ भी की जा रही है। ACB के अनुसार मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे अनुसंधान किया जाएगा।

ACB ने लोगों से की अपील

ACB ने आमजन से भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान में सहयोग करने की अपील की है। किसी व्यक्ति के खिलाफ ACB में अभियोग या प्राथमिक जांच दर्ज होने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति सीधे ACB से संपर्क कर अपना पक्ष या स्पष्टीकरण प्रस्तुत कर सकता है। ACB द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण का विस्तृत विश्लेषण करने के बाद अनुसंधान में निर्णय लिया जाता है।

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