Udaipur Times, Crime News, Banswara News: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) मुख्यालय के निर्देश पर आज दिनांक 12.10.2026 को ACB इकाई बांसवाड़ा द्वारा ट्रेप कार्यवाही करते हुए आरोपी राहुल चंदेल, चालक (होमगार्ड), अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट, जिला बांसवाड़ा को आरोपी संदीप कुमार नानावटी, लिपिक ग्रेड प्रथम (रीडर), मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, जिला बांसवाड़ा के लिए परिवादी एवं सहपरिवादी से 40,000 रुपये की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। प्रकरण में मुख्य भूमिका होने के कारण आरोपी संदीप कुमार नानावटी को भी गिरफ्तार किया गया।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता ने बताया कि ACB बांसवाड़ा को प्राप्त शिकायत में परिवादिया को जमानत मिलने के उपरांत उसकी जमानत खारिज नहीं करवाने, न्यायालय में विचाराधीन मुकदमे में सजा नहीं दिलवाने तथा आगे प्रकरण में सहायता प्रदान करने की एवज में आरोपी संदीप कुमार नानावटी द्वारा दलाल राहुल चंदेल के माध्यम से रिश्वत राशि मांगने की शिकायत की गई थी।
शिकायत पर दिनांक 11.10.2026 को रिश्वत मांग का सत्यापन करवाया गया। सत्यापन के दौरान आरोपी संदीप कुमार नानावटी एवं उसके दलाल राहुल चंदेल द्वारा परिवादिया एवं सहपरिवादी से 40,000 रुपये रिश्वत राशि की मांग की पुष्टि हुई। इस दौरान आरोपियों द्वारा परिवादिया से 2,000 रुपये खर्चे-पानी के नाम पर मांगकर ग्रहण किए जाने की भी पुष्टि हुई।
एसीबी उदयपुर रेंज के प्रभारी पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित के सुपरविजन में एसीबी इकाई बांसवाड़ा के पुलिस उप अधीक्षक रतन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में आज मय टीम ट्रेप कार्यवाही की गई। कार्यवाही के दौरान आरोपी दलाल राहुल चंदेल, चालक (होमगार्ड), अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट, जिला बांसवाड़ा को आरोपी संदीप कुमार नानावटी के लिए परिवादी एवं सहपरिवादी से 40,000 रुपये की रिश्वत राशि अपने हाथों से ग्रहण करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। वहीं, आरोपी संदीप कुमार नानावटी को प्रकरण में मुख्य भूमिका होने के कारण गिरफ्तार किया गया।
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव एवं महानिरीक्षक पुलिस एस परिमला के सुपरविजन में आरोपियों से पूछताछ एवं अग्रिम कार्यवाही जारी है। आरोपी संदीप कुमार नानावटी एवं आरोपी राहुल चंदेल के निवास स्थानों पर तलाशी की कार्यवाही भी जारी है। एसीबी द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा।