सिद्धि विनायक हॉस्पिटल के मालिक डॉ. गजेन्द्र जोशी मारपीट, गालीगलोच के आरोप में गिरफ्तार

कोर्ट से मिली जमानत 

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Doctor arrested Udaipur

उदपपुर,25.08.23 - शहर के हिरण मगरी क्षेत्र की जड़ाव नर्सरी स्थित प्राइवेट सिद्धि विनायक हॉस्पिटल के मालिक डॉ गजेन्द्र जोशी को अपने ही स्टाफ के साथ मारपीट और जातिगत गालियां देने के आरोप में शुक्रवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। एसटी-एससी सेल के डिप्टी अब्दुल रहमान ने बताया कि डॉ गजेन्द्र जोशी के हॉस्पिटल में मार्केटिंग का काम करने वाले युवक हीरालाल मेघवाल ने डॉ जोशी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। हालांकि पुलिस ने डॉक्टर को कोर्ट में पेश किया जहाँ से उसे जमानत मिल गई। 

हीरालाल का आरोप है कि डॉक्टर ने उसके साथ मारपीट और गाली-गलौच  की। क्योंकि डॉ. गजेन्द्र जोशी ने उसे सरकारी एमबी हॉस्पिटल से अपने निजी हॉस्पिटल में मरीज लाने के लिए भेजा था। लेकिन हीरालाल मरीज को नहीं ला पाया। इसलिए इसके साथ मारपीट की गई। 


पीड़ित हीरालाल मेघवाल ने बताया कि प्राइवेट हॉस्पिटल में मरीज नहीं आते। इसलिए डॉ गजेन्द्र जोशी सरकारी एमबी हॉस्पिटल से मरीजों को किसी भी तरह सिद्धि विनायक हॉस्पिटल में लाने के लिए कहते हैं।

मुझे सरकारी हॉस्पिटल से मरीजों को लाने भेजते थे डॉक्टर: पीड़ित हीरालाल

पीड़ित हीरालाल मेघवाल ने बताया कि प्राइवेट हॉस्पिटल में मरीज नहीं आते। इसलिए डॉ गजेन्द्र जोशी सरकारी एमबी हॉस्पिटल से मरीजों को किसी भी तरह सिद्धि विनायक हॉस्पिटल में लाने के लिए कहते हैं। एक दिन पहले एक एंबुलेंस चालक चित्तौड़गढ़ से सिर की चोट के मरीज को एमबी हॉस्पिटल लेकर आया था। एंबुलेंस चालक ने डॉ जोशी को फोन कर दिया। फिर डॉ जोशी ने मुझे तुरंत एमबी हॉस्पिटल भेजा और कहा कि किसी भी तरह उन मरीजों को राजी करके अपने यहां लेकर आओ।

मैंने मरीजों से बात करके अपने हॉस्पिटल की सुविधाएं बताकर कन्विंस करने की कोशिश की। लेकिन मरीजों का कहना था कि उनके पास निजी हॉस्पिटल में इलाज कराने जितने पैसे नहीं है। मैं मरीजों को सिद्धि विनायक हॉस्पिटल नहीं ला पाया। इस पर डॉ जोशी मुझ पर भड़क गए। फिर मेरे साथ मारपीट की और जातिगत गालियां दी। 

मरीज को हमारे हॉस्पिटल की सुविधाएं बताने भेजते हैं: डॉ.जोशी

मामले में डॉ गजेन्द्र जोशी का कहना है कि हमारे यहां जो मार्केटिंग की टीम है उन्हें अपने पैराफेरी के डॉक्टर्स और प्रैक्टिसनर्स के पास भेजा जाता है। ताकि वे अपने हॉस्पिटल की सुविधाएं बता सके। जो सुविधाएं उनके पास नहीं है तो वे हमारे पास मरीजों को भेज सकते हैं। बाकी मैंने किसी के साथ कोई मारपीट नहीं की। ना ही जातिगत गालियां दी है।

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