फिल्म निर्माण 30 करोड़ धोखाधड़ी केस में फ़िल्मकार की पत्नी को राहत

सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम ज़मानत, फ़िल्मकार को कोई राहत नहीं 
 
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उदयपुर 13 फ़रवरी 2026। फिल्म निर्माण के नाम पर 30 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बॉलीवुड डायरेक्टर की पत्नी को अंतरिम जमानत दे दी है। वहीं फ़िल्मकार को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। दोनों की नियमित जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 18 फरवरी को होगी।

सुप्रीम कोर्ट में फ़िल्मकार की ओर से एडवोकेट मुकुल रोहतगी और परिवादी की ओर से एडवोकेट हर्ष सुराना ने पैरवी की। इससे पहले 31 जनवरी 2026 को राजस्थान हाईकोर्ट ने दंपती की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद दंपती ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पत्नी को अंतरिम जमानत प्रदान की।

केस से जुड़े उदयपुर के वकील कमलेश दवे ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति मिलने के बाद संबंधित कोर्ट एसीजेएम-4 उदयपुर में जमानत मुचलकों के लिए आवेदन पेश किया जाएगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद फ़िल्मकार की पत्नी के देर शाम तक जेल से रिहा होने की संभावना है।

उल्लेखनीय है कि पुलिस ने दंपती को उनके जुहू स्थित गंगाभवन कॉम्प्लेक्स के फ्लैट से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के दौरान सुरक्षा गार्ड ने पुलिस को रोकने का प्रयास भी किया और कहा था कि साहब व उनकी पत्नी घर पर नहीं हैं, जबकि पुलिस को पहले से जानकारी थी और दोनों को हिरासत में लिया गया।

परिवादी ने 17 नवंबर को उदयपुर में फिल्म निर्माता निर्देशक सहित आठ लोगों के खिलाफ 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था। आरोप है कि एक इवेंट के दौरान उदयपुर निवासी एक आरोपी ने उनसे मुलाकात कर उनकी पत्नी की बायोपिक बनाने का प्रस्ताव दिया। 24 अप्रैल 2024 को उन्हें मुंबई स्थित वृंदावन स्टूडियो बुलाया गया, जहां निर्माता निर्देशक से मुलाकात कर बायोपिक पर चर्चा हुई।

शिकायत के अनुसार कुछ दिन बाद आरोपियों ने परिवादी को प्रस्ताव दिया कि 7 करोड़ रुपये और फाइनेंस करने पर वे चार फिल्में 47 करोड़ रुपये में बना सकते हैं और इन फिल्मों की रिलीज से 100 से 200 करोड़ रुपये तक का मुनाफा हो सकता है।

आरोप है कि इसके बाद स्टाफ के नाम पर अलग-अलग खातों में 77 लाख 86 हजार 979 रुपये और 2 करोड़ 45 लाख 61 हजार 400 रुपये ट्रांसफर करवाए गए। वहीं इंदिरा एंटरटेनमेंट के माध्यम से 42 करोड़ 70 लाख 82 हजार 232 रुपये का भुगतान किया गया, जबकि चार फिल्मों का निर्माण 47 करोड़ रुपये में किए जाने का तय हुआ था। मामले में जांच जारी है।