उदयपुर मे मदद के बहाने राहगीर का अपहरण कर ब्लैकमेल करने वाली गैंग के चार आरोपी गिरफ्तार
Udaipur Times, Crime News; उदयपुर की प्रतापनगर थाना पुलिस ने राहगीरों को मदद के बहाने अपने जाल में फंसाकर उनका अपहरण, मारपीट और ब्लैकमेल कर रुपए वसूलने वाली गैंग का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार, मोबाइल फोन और पीड़ित से डरा धमका कर वसूले गए रुपए बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, 1 अगस्त 2026 को एक व्यक्ति ने प्रतापनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि वह देबारी स्थित हिन्दुस्तान जिंक स्मेल्टर में ड्यूटी के बाद अपने घर ढिकली जा रहा था। रास्ते में हाईवे पर एक व्यक्ति पड़ा हुआ दिखाई दिया, जिसके मुंह से झाग निकल रहे थे। मदद करने के लिए वह वहां रुका तो तीन अन्य व्यक्ति भी मौके पर आ गए।
पीड़ित के अनुसार, घायल होने का नाटक कर रहे व्यक्ति ने उस पर कोई स्प्रे कर दिया, जिससे उसकी आंखों के सामने अंधेरा छा गया। इसके बाद चारों आरोपियों ने उसे पकड़कर स्विफ्ट कार में डाल लिया और अम्बेरी रोड की तरफ ले गए। वहां आरोपियों ने उसका आपत्तिजनक वीडियो बनाया और उसके पेटीएम से करीब 25 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
आरोपियों ने पीड़ित के साथ मारपीट भी की और धमकी दी कि यदि उसने घटना के बारे में किसी को बताया या पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई तो उसका वीडियो वायरल कर दिया जाएगा। साथ ही उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई।
पुलिस टीम ने सूचना और तकनीकी सहयोग के आधार पर आरोपियों की पहचान कर देवेन्द्र विश्नोई, मनीष जोशी, नरेन्द्र रेबारी और ओम प्रकाश को डिटेन किया। पूछताछ के बाद चारों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 25 वर्षीय देवेन्द्र विश्नोई निवासी बडलो का वास, कुचामन सिटी, 25 वर्षीय मनीष जोशी निवासी बेसरोली, थाना बडू, 28 वर्षीय नरेन्द्र रेबारी निवासी बांसा, थाना मोलासर और 38 वर्षीय ओम प्रकाश जाट निवासी निमोद, थाना मोलासर, जिला डीडवाना-कुचामन के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी नशे के आदी हैं और वारदात के लिए सड़क किनारे अपनी कार खड़ी कर देते थे। इसके बाद एक आरोपी घायल व्यक्ति होने का नाटक कर मुंह से झाग निकालता था और राहगीरों से मदद मांगता था। जैसे ही कोई व्यक्ति मदद के लिए उनके पास आता, आरोपी उसे पकड़कर कार में डाल लेते और मारपीट कर रुपए व जेवरात छीन लेते थे। इसके बाद उन्हें ब्लैकमेल कर भी वसूली की जाती थी।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(3), 119(1), 308(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों से पूछताछ कर गैंग द्वारा की गई अन्य वारदातों के संबंध में भी जांच की जा रही है।
