पाई-पाई जोड़कर इकट्टे किए गरीब महिला के पैसे बैंकिंग कॉरेसपॉंडेंट ने उड़ाए

पाई-पाई जोड़कर इकट्टे किए गरीब महिला के पैसे बैंकिंग कॉरेसपॉंडेंट ने उड़ाए 

बीसी (बैंकिंग कॉरेसपॉंडेंट) निशा गहलोत के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं

 
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उदयपुर के गोगुंदा में एसबीआई बैंक के बीसी (बैंकिंग कॉरेसपॉंडेंट) द्वारा एक आदिवासी गरीब महिला के खाते से 10 हजार रुपए के विड्रोल का धोखधड़ी का मामला सामने आया है। गोगुंदा में ​जिराई गांव निवासी महिला छतरी बाई ने जब इसकी शिकायत बैंकिंग लोकपाल को की तो उनकी जांच में इसका खुलासा हुआ। जिसमें बीसी आईडी नंबर 20891902 एमआरपीओ से 10 हजार रुपए ट्रांजैक्शन होने का पता लगा।

महिला ने बताया कि बीसी निशा गहलोत ने फिंगर मशीन पर उसका फिंगर लगवाया था और सर्वर डाउन की बात कहकर उसे वापस भेज दिया था। उसी समय छतरी बाई के खाते से रुपए विड्रॉल हो गए। बता दें, बीसी को बैंक लेन-देन के लिए अधिकृत करती है। ​बैंक में जिसका खाता है वह बीसी के माध्यम से विड्रॉल करके ले सकता है।

महिला ने पाई-पाई जोड़कर इकट्टे किए थे पैसे

महिला ने पाई-पाई जोड़कर 10 हजार रुपए इकट्टा किए थे। पति मजदूरी करता है। जिराई गांव में इनका घर भी कच्ची दीवारों से बना है। पीड़ित महिला बैंक से लेकर पुलिस थाने में भटक रही है लेकिन उसे अभी तक किसी ने मदद नहीं की। यहां तक गोगुंदा पुलिस थाने में इसकी एफआईआर तक दर्ज नहीं कर रही है। ना ही अभी तक बीसी के खिलाफ कार्रवाई हुई।

जांच में आया बीसी के यहां से ही हुआ ट्रांजैक्शन

छतरी बाई द्वारा बैंकिंग लोकपाल को शिकायत करने पर बीसी द्वारा उसके पैसे निकाले जाने का पता लगा है। इससे पहले महिला ने बैंक ऑफ बड़ौदा की सीनियर ब्रांच में शिकायत की, यहां रिमाइंडर भेजने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। फिर लीड बैंक में शिकायत की तो इसने बड़ौदा बैंक को कार्रवाई के निर्देश देकर पल्ला झाड़ दिया। इसके बाद बैंकिंग लोकपाल में शिकायत की गई।

मामले में गोगुंदा थानाधिकारी योगेन्द्र कुमार व्यास ने बताया कि इस मामले की मुझे कोई जानकारी नहीं है इसके बारे मेंं पता करके आगे की कार्रवाई करता हूं।

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