महिला वेशभूषा में हिस्ट्रीशीटर नारायणदास वैष्णव गिरफ्तार
उदयपुर 8 अगस्त 2025। पुलिस ने नाटकीय कार्रवाई में 10 हजार रुपये के इनामी और हिस्ट्रीशीटर नारायणदास वैष्णव को महिला वेशभूषा में पकड़ा, जो गिरफ्तारी से बचने के लिए खुद को छुपा रहा था। नारायणदास कुख्यात अपराधी दिलीप नाथ के संगठित गैंग का प्रमुख सदस्य है।
ज़िला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल ने बताया कि नारायणदास उस मामले में वांछित था जिसमें पीड़ित का अपहरण कर, जान से मारने की धमकी देकर और जमीन का एग्रीमेंट करने के लिए मजबूर कर, 35.50 लाख रुपये की अवैध वसूली की गई थी। इस प्रकरण में गैंग लीडर दिलीप नाथ, नरेश वैष्णव, नरेश पालीवाल और विष्णु पालीवाल पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
नारायणदास पर बिहार के पटना में भी मुकदमा दर्ज है, जहां उसने दिलीप नाथ द्वारा उपलब्ध कराए गए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट कार्यालय से पासपोर्ट बनवाया था।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोपाल स्वरूप मेवाड़ा ने बताया कि घटना सुखेर क्षेत्र की है, जहां पीड़ित को उसके घर के बाहर से जबरन उठाकर, उसकी और उसकी बेटी की हत्या की धमकी दी गई और बडगांव तहसील कार्यालय ले जाकर जमीन का एग्रीमेंट करवाया गया। इसके बाद गैंग के सदस्यों ने 35.50 लाख रुपये वसूल किए।
मामला क्रमांक 121/25 थाना सुखेर में धारा 111(2)(3), 111(3), 111(6), 140(2), 308(2)(3)(4), 318(2)(4) और 61 बीएनएस 2023 के तहत दर्ज है। इस अपराध में नारायणदास की अहम भूमिका रही है।
7 अगस्त 2025 को गिरवा विशेष टीम के हैड कांस्टेबल अर्जुन सिंह, हैड कांस्टेबल प्रकाश और कांस्टेबल अजयपाल ने आरोपी को सायरा क्षेत्र से पकड़ा, जिसे बाद में विवेचक उप अधीक्षक सूर्यवीर सिंह राठौड़ ने गिरफ्तार किया।
इस प्रकरण में नामजद अन्य आरोपियों में निलंबित पुलिस कांस्टेबल वीरेंद्र सिंह, गजेन्द्र पुत्र लक्ष्मीलाल चौधरी, देवेंद्र गायरी उर्फ डेविड, शंकर सिंह, पिंटू कुमावत, कमल दया, हेमराज डांगी, लाखन खटीक और अन्य शामिल हैं। गजेन्द्र, देवेंद्र गायरी, हेमराज डांगी और कमल दया की गिरफ्तारी पर 2-2 हजार रुपये तथा लाखन खटीक और पिंटू कुमावत की गिरफ्तारी पर 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
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