चंबल अभयारण्य में अवैध बजरी खनन पर AI और ड्रोन से होगी निगरानी
Udaipur Times, Chambal Sanctuary Illegal Mining: सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति की सिफारिशों के अनुपालन में राजस्थान सरकार ने राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य क्षेत्र में अवैध बजरी खनन की रोकथाम और पर्यावरण संरक्षण के लिए एक सुदृढ़, आधुनिक एवं पारदर्शी करने मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में की विस्तृत चर्चा।
बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार न्यायालय के सभी दिशा-निर्देशों का समयबद्ध एवं पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित विभागों को अंतर-विभागीय समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
सुदृढ़ प्रशासनिक नोडल व्यवस्था एवं जवाबदेही
वी श्रीनिवास ने कहा कि अवैध बालू खनन की रोकथाम, समन्वय और निर्देशों के क्रियान्वयन के लिए संबंधित जिला कलेक्टरों को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। जिला पुलिस अधीक्षकों को अवैध खनन के नेटवर्क को ध्वस्त करने, वित्तीय पोषण करने वालों, परिवहनकर्ताओं और आपराधिक सिंडिकेट्स की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
तकनीक-आधारित निगरानी एवं एआई डैशबोर्ड
उन्होंने कहा कि संरक्षण उपायों को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के माध्यम से एक एआई-एनालिटिक्स आधारित एक इंटेलिजेंट ऑनलाइन डैशबोर्ड तैयार करने के निर्देश। शुष्क मौसम के दौरान उच्च-रिज़ॉल्यूशन सैटेलाइट इमेज और ड्रोन सर्वे के जरिए नदी के स्वरूप में बदलाव और नए खनन स्थलों की मासिक मैपिंग की जाएगी। इसके अतिरिक्त मुख्य मार्गों और पुलों पर सीसीटीवी, पीटीजेड एवं एआई-सक्षम थर्मल कैमरों से निगरानी रखी जाएगी।
संयुक्त एस ओ पी एवं आकस्मिक निरीक्षण
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिला स्तर पर समन्वय बढ़ाने के लिए संबंधित जिला कलेक्टर द्वार एक एसओपी जारी की जाएगी। साथ ही उपखंड अधिकारियों, तहसीलदार, पुलिस और वन अधिकारियों की संयुक्त टीमें प्रत्येक 15 दिन में आकस्मिक निरीक्षण करेंगी। पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए इन अभियानों में बॉडी कैमरा, जीपीएस उपकरणों का प्रयोग किया जाएगा।
जन-भागीदारी एवं क्यूआर कोड आधारित शिकायत निवारण
अभयारण्य क्षेत्र के प्रवेश द्वारों, चेक पोस्टों और ग्राम पंचायत कार्यालयों में क्यूआर कोड आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रदर्शित किए जायेगा जो संपर्क पोर्टल से जुड़ा होगा, जिसके माध्यम से स्थानीय ग्रामीण, मछुआरे एवं आमजन गोपनीय रूप से जिओ-टैग फोटो/वीडियो के साथ शिकायत दर्ज करा सकेंगे। सफल सूचना और धरपकड़ पर सूचनादाताओं के लिए पुरस्कार योजना भी लागू की जाएगी।
कार्रवाई में कड़ाई और एपीएआर में मूल्यांकन
अवैध खनन रोकथाम में अधिकारियों के प्रदर्शन और न्यायालय के आदेशों के पालन की समीक्षा को जिसमें कार्यरत संबंधित जिला अधिकारियों की वार्षिक कार्य मूल्यांकन रिपोर्ट एपीएआर में शामिल किया जाएगा। संवेदनशील क्षेत्रों में विफलता पर संबंधित अधिकारियों की प्रशासनिक जवाबदेही तय की जाएगी।
फ्रंटलाइन स्टाफ की सुरक्षा और वैधानिक ढांचा
वन कर्मियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए सुरक्षा बलों/होमगार्ड्स की तैनाती, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत आवश्यक अधिसूचनाएं और विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति की प्रक्रिया में तेजी लाई जायेगी।
पर्यावरण संरक्षण एवं वैकल्पिक आजीविका
पर्यावरण क्षतिपूर्ति की वसूली तथा बार-बार अवैध गतिविधियों में लिप्त वाहनों की जब्ती की जाएगी। साथ ही स्थानीय समुदायों की अवैध गतिविधियों पर निर्भरता कम करने के लिए इको-टूरिज्म, कम्युनिटी गश्त और वैकल्पिक आजीविका योजनाओं का विस्तार किया जाएगा।
राज्य सरकार द्वारा तैयार की गई व्यापक अनुपालन रिपोर्ट उच्चतम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की जा रही है। सरकार का यह संकल्प है कि चंबल अभयारण्य के प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र और वन्यजीवों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में वन विभाग सहित खनन,राजस्व,वित्त खाद्य विभाग एवं जिला स्तरीय कार्य निगरानी दल के सदस्य के वीसी के माध्यम से उपस्थित रहे।
