न्यायालय में नौकरी लगाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाला गिरफ्तार

गिरफ्तारशुदा आरोपी से और भी कई धोखेबाजी के खुलासे होने की संभावना है
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farudster arrest

उदयपुर 25 जुलाई 2024। शहर के अम्बामाता थाना पुलिस ने न्यायालय में नौकरी लगाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाला एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया।

दरअसल आरोपी दीपक माली भुवाणा, चित्रकुट नगर ने भगवत पुरी गोस्वामी निवासी गुरु कृपा भवन आरके चौराहा ने रिपोर्ट पेश की कि दीपक नामक व्यक्ति ने  खुद को उदयपुर में ADJ-4 के न्यायाधीश का कुक एवं निजी काम करने वाला बताया और कहा कि हाईकोर्ट के अन्दर तक उसकी जान पहचान है। वह उसकी एल.डी.सी. के पद पर नौकरी लगवा देगा । फिर वह उसे रोज कोर्ट में ले जाकर कैमरे के सामने ले जाता था। पांच मिनट कैमरे के सामने खड़ा करता और कहता की जज साहब ने आज कि तुम्हारी हाजरी भर ली है। ऐसे करके उसे कई दिनों तक कोर्ट में ले जाता रहा और कैमेरे के सामने खड़ा करता रहा, फिर उसे कहा की उसकी नियुक्ति पत्र देने के लिए जज साहब और हाईकोर्ट में चार लाख पचास हजार रूपये देने पड़ेंगे।

इस तरह से दीपक माली ने उसे उसकी नौकरी लगवाने के नाम पर धोखे से लाखों रूपये हडप लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर  घटना की गम्भीरता व न्यायपालिका के नाम का दुरुपयोग को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक, उदयपुर योगेश गोयल आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये इस पर डॉ. हनवंत सिंह राजपुरोहित थानाधिकारी, अम्बामाता अपनी टीम द्वारा सूचना व तकनीकी सहयोग से मामले में आरोपी दीपक माली निवासी चित्रकूट नगर, भुवाणा को बाद पुछताछ गिरफ्तार किया गया। 

आरोपी दीपक माली से पुछताछ पर बताया कि वह न्यायपालिका में न्यायाधीश के कुक के रूप में नौकरी करना तथा जजो के अन्य निजी काम भी करना बताकर उदयपुर शहर में लागो के पक्ष में फैसला कराने, पुराने खनन पटो की लीज जारी कराने, बिना रूकावट पासपोर्ट बनवानें, निरस्त आर्म्स लाईसेंस को पुनः जारी कराने, ग्रीन जॉन से भूमि को निकलवाने के नाम पर धोखे से प्रतिष्ठित लोगो से लाखों रूपये ऐठ लिये एवं परिवादी भगवत पुरी की उदयपुर कोर्ट में एलडीसी के पद पर नौकरी लगाने के नाम पर फर्जी पहचान पत्र एवं फर्जी स्टांप बनाकर लाखों रूपये हडप कर धोखाधडी करना पुछताछ में स्वीकार किया है। 

गिरफ्तारशुदा अभियुक्त शातिर व बदमाश प्रवृति का है एवं शहर के दर्जनों लोगों के साथ धोखाधडी कर चुका है। आरोपी दीपक माली पेशे से खाना बनानें वाला है जो कि पूर्व में मजिस्ट्रेट साहिबानों के पास खाना बनाता था। मजिस्ट्रेटों के बंगलो में काम करनें के दौरान आरोपी दीपक माली न्यायपालिका की कार्यप्रणाली से भलीभांति वाकिफ हो गया और उसका दुरूपयोंग करने लगा। आरोपी धोखे से प्राप्त रूपयों को मौज-शोक, अय्याशी, मंहगी बाईक एवं कारों के शौक में उड़ानें का आदी है। 

आरोपी विवाहित है और उसके इस प्रकार के कामों के कारण उसकी पत्नी से तलाक होना की बात भी सामने आई है । आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमाण्ड लिया गया है जिससे और भी कई धोखेबाजी के खुलासे होने की संभावना है।
 

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