तिरुपति इन्वेस्ट के खिलाफ एक ओर परिवादी पहुचा पुलिस के पास

तिरुपति इन्वेस्ट सर्विस का कार्यालय हुआ बंद 

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अनुसंधान अधिकारी कंवर लाल ने बताया कि आरोपी ने बिग बाजार, न्यू फतहपुरा स्थित ऑफिस को बंद कर दिया है, लेकिन पुलिस द्वारा लगातार आरोपियों पर शिकंजा कसने के प्रयास करते हुए अनुसंधान जारी है।

उदयपुर। करोड़ो के लोन के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में विवाद में चल रही तिरुपति इन्वेस्ट सर्विस के खिलाफ मुम्बई, महाराष्ट्र के एक ओर पीड़ित ने उदयपुर पुलिस की शरण ली है। 

पीड़ित शशिकांत सखाराम गावंडे ने बताया कि उसने तिरुपति की वेब साइट पर कई तरह के लोन की जानकारी देख कर उदयपुर हेड ऑफिस सम्पर्क किया। इसके बाद उदयपुर हेड ऑफिस में मुलाकात की जहाँ कंपनी के चेयरमैन देवानंद वरदानी, विना सकरानी वरदानी, खुशबू कुंवर बाला, किरण जोशी, ,गुलाब वरदानी, रोनक सोनी, कृष्णा कुमार पोद्दार, पूजा कुंवर ओर मनीष जोशी ने डीएसए देने और फ्रेंचाइजी देने की बात कह कर 6 महीने में 200 करोड़ का लोन टारगेट पूरा करने के लिए कहा। 

पीड़ित ने कंपनी कर्मचारियों की बातों में आकर मार्च 2018 से जुलाई 2018 तक करोड़ो रूपये के लोन के लिए 9 फ़ाइल कम्पनी को दी। कंपनी के कर्मचारियों द्वारा इन फाइलों पर लोन करने के लिए प्रोसेसिंग चार्ज के लिए पैसे मांगे गए जिस पर शशिकांत ने करीब 19 लाख रुपये नकद जमा करवाये ओर रसीद ली। प्रोसेसिंग चार्ज देने के बाद शशिकांत लगातार लोन करने के लिए कहता रहा और बार बार उदयपुर में कम्पनी के हेड ऑफिस चक्कर लगाए लेकिन हर बार कागजो में कमी बताकर कर्मचारी टालमटोल करते रहे। 

पीड़ित ने इस सब से परेशान होकर उदयपुर एसपी डॉ. राजीव पचार को परिवाद दिया। जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ पूर्व में दर्ज धोखाधड़ी के मामलों के साथ ही शशिकांत के परिवाद को सम्मिलित पत्रावली में दर्ज किया गया है। इस मामले के अनुसंधान अधिकारी कंवर लाल ने बताया कि आरोपी ने बिग बाजार, न्यू फतहपुरा स्थित ऑफिस को बंद कर दिया है, लेकिन पुलिस द्वारा लगातार आरोपियों पर शिकंजा कसने के प्रयास करते हुए अनुसंधान जारी है।

उल्लेखनीय है कि तिरुपति इन्वेस्ट सर्विस के खिलाफ पूर्व में भी आसाम के रतन डे, हैदराबाद के पालोजु श्रीनिवासाचार्य ओर यूपी जौनपुर के प्रेम प्रकाश गुप्ता ने 10 फरवरी को एडिशनल एसपी गोपाल स्वरूप मेवाड़ा को परिवाद दिया था लेकिन कोई कार्रवाई नही होने के बाद परेशान प्रार्थियो ने एसपी डॉ. राजीव पचार से मुलाकात की जिसके बाद एसपी के आदेश पर जांच अधिकारी कंवर लाल ने आसाम निवासी रतन डे की रिपोर्ट को दर्ज किया है, और तीनों ही पीड़ितों के बयान लिए है। हालांकि पुलिस को इस मामले में अभी तक किसी भी तरह की सफलता हाथ नही लगी है और ना ही पीड़ितों को उनका पैसा लौटाया गया है।

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