ऑनलाइन ठगी के रैकेट का खुलासा

ऑपरेशन एंटीवायरस के तहत तीन संदिग्ध गिरफ्तार

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उदयपुर 30 दिसंबर 2024। जिले में चलाए जा रहे ऑपरेशन एंटीवायरस अभियान के तहत पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के एक बड़े रैकेट का खुलासा किया है और तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। यह रैकेट भोले-भाले लोगों को झांसे में लेकर उनके बैंक खातों से पैसे ट्रांसफर करने का काम करता था। गिरफ्तार आरोपियों में सोनू मेहता (30), शिवम मेनारिया (30) और जतिन मेनारिया (30) शामिल हैं, जो सभी उदयपुर के विभिन्न क्षेत्रों के निवासी हैं।

गिरफ्तारी और बरामदगी

पुलिस के अनुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर उमेश ओझा और पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि रानी रोड पर एक सफेद रंग की बलेनो कार में तीन लोग बैठे हैं, जो हवाला और ऑनलाइन ठगी का काम करते हैं। सूचना के बाद पुलिस टीम ने वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने पुलिस को देखकर कार को तेज़ी से भगाने की कोशिश की। बाद में पुलिस ने वाहन का पीछा करके तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। 

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कार की तलाशी ली जिसमें कुल 4,80,500 रुपये नकद, 10 एंड्रॉयड मोबाइल, 4 खाली सिम, 21 डेबिट/क्रेडिट कार्ड, 3 चेकबुक और 3 पासबुक बरामद की। इसके अलावा, कार से दो स्टांप सील भी मिलीं, जिनका उपयोग फर्जी फर्म के नाम से अकाउंट खोलने में किया जाता था।

ऑनलाइन ठगी का तरीका

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे ऑनलाइन गेमिंग एप्स और लिंक भेजकर भोले-भाले लोगों को धोखा देते थे। आरोपियों के मोबाइल फोन में ऐसे कई एप्स मिले, जिनका इस्तेमाल वे ऑनलाइन ठगी के लिए करते थे। वे लोगों के नाम पर फर्जी खाते खोलकर उनके बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करते थे। 

सोनू मेहता और शिवम मेनारिया ने बताया कि वे भोले-भाले लोगों को फंसाकर उनके नाम से खाते खोलते थे और उन खातों से पैसे ट्रांसफर करते थे। वे इन खातों को विभिन्न मोबाइल ऐप्स से कनेक्ट कर देते थे, जैसे कि PhonePe, Paytm और Google Pay, और इनसे प्राप्त पैसे में से कमीशन लेते थे। इसके अलावा, वे इन फर्जी खातों से OTP प्राप्त कर, रकम निकालने का काम भी करते थे।

अनुसंधान जारी  

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और मामले की गहन जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के पास से मिले दस्तावेजों और मोबाइल डेटा की जांच की जा रही है, जिससे इस रैकेट के अन्य सदस्य और नेटवर्क का पता चल सकता है। पुलिस ने इस रैकेट से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश भी शुरू कर दी है।

Digital Arrest क्या है इसके बारे में जानकारी व बचाव कैसें करे 

किसी शख्स को एक अनजान नंबर से कॉल आती है, जिसके बाद उस शख्स को बताया जाता है कि उसके नाम से पार्सल विदेश जा रहा था जिसमें ड्रग्स था या फिर उसका मोबाइल या बैंक खाते का इस्तेमाल मनी लाउंड्रिंग केस में किया है, या आपके बेटे को हमने गिरफ्तार कर रखा है जो पूरी तरह के फेक होते हैं जिनसे नहीं डरते हुए तुरन्त नजदीकी पुलिस थाने में जाकर शिकायत दर्ज कराये।
 

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