सवीना में हत्या के बाद आक्रोश

मृतक के परिजन और समाज के लोगो का एमबी हॉस्पिटल की मोर्चरी के बाहर धरना-प्रदर्शन
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उदयपुर 6 फरवरी 2026। सवीना थाना क्षेत्र में चाकूबाजी की घटना के बाद एंबुलेंस में करीब एक घंटे तक तड़पने के बाद युवक की मौत के मामले में आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। घटना के दूसरे दिन भी मृतक के परिजन और समाज के लोग एमबी हॉस्पिटल की मोर्चरी के बाहर धरना-प्रदर्शन पर बैठे रहे।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पूरे मामले में डॉक्टरों की गंभीर लापरवाही रही है, इसके बावजूद हॉस्पिटल प्रशासन दोषियों को बचाने का प्रयास कर रहा है। लोगों का कहना है कि इलाज में देरी के कारण ही युवक की जान गई।

जानकारी के अनुसार मृतक प्रेम गमेती (32) पर बदमाशों ने लूट की नीयत से हमला किया था और उस पर चाकू से कई वार किए गए थे। घायल अवस्था में उसे एंबुलेंस से हॉस्पिटल ले जाना था, लेकिन परिजन और पुलिस उसे पहले थाने ले गए। इस दौरान एंबुलेंस करीब एक घंटे तक थाने के बाहर खड़ी रही और घायल दर्द से तड़पता रहा। बाद में हॉस्पिटल ले जाने पर उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद से ही परिजन डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। समाज के रोशन मेघवाल ने आरोप लगाया कि लापरवाह डॉक्टरों को बचाने के लिए हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. आरएल सुमन गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि डॉ. सुमन ने कहा था कि इलाज कराने आए परिजन और घायल जल्दी में थे और घायल ने जल्दी फ्री करने की बात कहते हुए बदला लेने की बात कही थी।

रोशन मेघवाल ने इस बयान को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि हकीकत यह है कि डॉक्टरों ने पहले थाने से रिपोर्ट लाने को कहा था, तभी इलाज आगे बढ़ाने की बात कही गई। उन्होंने बताया कि घायल के शरीर पर सात जगह गहरे घाव थे और वह ठीक से पैरों पर चल भी नहीं पा रहा था, ऐसे में बदला लेने की बात करना ही निराधार है।

समाज के बालू भील ने कहा कि उनकी मांग है कि लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि मृतक की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी और उसकी 14 वर्षीय बेटी है। परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना जारी रहेगा और प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा