पानरवा में पुलिस और वनकर्मियो द्वारा महिलाओ से मारपीट का आरोप

पीड़ित महिलाओ ने संभागीय आयुक्त और कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन 
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उदयपुर 14 फ़रवरी 2026। ज़िले के पानरवा क्षेत्र में पुलिस और वनकर्मियों पर महिलाओं से मारपीट तथा झोपड़ियों को नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप लगे हैं। महिलाओं का कहना है कि वे घर के बाहर बैठी थीं, तभी दो पुलिसकर्मी और कुछ वनकर्मी जीप में आए और गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। एक महिला को लात मारने का भी आरोप लगाया गया है।

मामले को लेकर शुक्रवार को महिलाओं का एक प्रतिनिधिमंडल कलेक्ट्रेट पहुंचा और संभागीय आयुक्त व कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि घटना 12 फरवरी को दोपहर करीब 3 बजे की है।

अंबासा गांव के कोदरनाल फला निवासी मोरी बुबडिया के साथ महिलाओं और परिजनों ने आरोप लगाया कि दो पुलिसकर्मियों ने एक महिला को लाठी से पीटा, जबकि एक वनकर्मी ने दूसरी महिला को लात मारी। आरोप है कि घरों में घुसकर बर्तन, आटा, बिस्तर और कपड़े तक बाहर फेंक दिए गए तथा झोपड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि एक वनकर्मी ने दो महीने के बच्चे को नीचे गिरा दिया। इस दौरान घबराकर तीन साल और दो साल के बच्चे जंगल की ओर भाग गए, जो करीब 26 घंटे बाद मिले।

महिला के रिश्तेदार बाबूलाल ने बताया कि करीब 25 से 30 परिवार वर्षों से कोदरनाल की जमीन पर रहकर खेती कर अपना भरण-पोषण कर रहे हैं। उनका कहना है कि परिवारों को हटाने के लिए इस तरह मारपीट करना गलत है।

उदयपुर के वकील और कम्युनिस्ट नेता राजेश सिंघवी ने बताया कि पीड़ित परिवार एसपी से मिला और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। परिवार ने दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।