नाबालिग से सम्बन्ध को रेप की श्रेणी में मान दुष्कर्मी को 20 साल की सजा

पीड़िता ने मर्ज़ी से सम्बन्ध स्वीकारा लेकिन पोक्सो कोर्ट ने आरोपी को सजा और 50 हज़ार का आर्थिक दंड लगाया 

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court verdict

उदयपुर 16 मई 2022 । जिले के पोक्सो कोर्ट ने नाबालिग से सम्बन्ध को रेप की श्रेणी में मान दुष्कर्मी को 20 साल की कैद और 50 हजार के आर्थिक दंड की सजा सुनाई है। चार वर्ष पुराने मामले में पीड़िता की मां ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग पुत्री घर से स्कूल के लिए निकली थी मगर वापस नहीं लौटी। उस वक्त पीड़िता की उम्र 15 वर्ष थी।

दरसअल जिले के झल्लारा निवासी पीड़िता ने  22 वर्षीय दिनेश मीणा के पास अहमदाबाद गई थी। वहां वह दिनेश मीणा के साथ रही। अनुसंधान में सामने आया कि लड़की अपनी मर्जी से लड़के के साथ रह रही थी। इसके बाद दिनेश ने लगभग 2 साल तक पीड़िता को पत्नी बनाकर रखा और उससे शारीरिक सम्बंध भी बनाए।

उक्त मामले में विशेष यह रही कि मामले को लेकर कोर्ट में बयानों के दौरान लड़की ने यह स्वीकारा था की वह अपनी मर्जी से दिनेश मीणा के साथ रह रही थी। लेकिन मामले में विशेष लोक अभियोजक चेतन पुरी गोस्वामी ने कहा कि पोक्सो के मामले में आपसी सहमति मैटर नहीं करती है। नाबालिग अबोध होते हैं और उन्हें समझ नहीं होती है। ऐसे में उनके साथ इस तरह का कृत्य करना गंभीर अपराध है। 

गोस्वामी ने बताया कि इसी को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए धारा 376-2-एन के तहत 20 साल की जेल और 50 हजार का आर्थिक दंड दिया है।

मामले में लड़की के यह बयान देने से आरोपी को और कठोर सजा नहीं हुई। दसअरल लड़की ने बयान दिया था कि वह अपनी मर्जी से लड़के के साथ रही और शारीरिक सम्बंधों भी उसकी मर्जी से ही हुई थी। इसी के चलते आरोपी को और कठोर सजा नहीं मिली। साथ ही इसी वजह से आरोपी को पीड़ित प्रतिकर देने के लिए भी नहीं कहा गया।

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