272 भूखंड घोटाला मामले में एसओजी ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

पूछताछ के दौरान कुछ अहम् लोगों के नाम भी आए सामने 

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Sho arrest

उदयपुर 21 नवंबर 2024। उदयपुर विकास प्राधिकरण (UDA) द्वारा नगर निगम को ट्रांसफर किए गए 272 भूखंडों के बहुचर्चित मामले में उदयपुर एसओजी द्वारा दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 

दोनों आरोपियों में से एक दीपक चौहान की गिरफ़्तारी 7 नवंबर 2024 तो दूसरे आरोपी राकेश की गिरफ़्तारी 13 नवंबर 2024 को की गई थी। गिरफ्तार किए आरोपियों में से एक आरोपी पूर्व में गुजरात के एक गांव का वार्ड पंच भी रह चूका है। 

एसओजी की डिप्टी एसपी स्वाति शर्मा ने बताया की जानकारी के अनुसार दोनों मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार करवा कर डमी कैंडिडेट बनाकर भूखंडों के सौदे किये थे। 

शर्मा ने बताया की गिरफ़्तारी के बाद दोनों आरोपीयों को न्यायालय में पेश  किया गया था और वह पुलिस कस्टडी रिमांड पर चल रहे थे और उनसे इस पुरे मामले को लेकर पूछताछ की जा रही थी, जिन्हे 21 नवंबर 2024 को पुनः न्यायलय के समक्ष पेश किया गया जहां से उन्हें जुडिशल कस्टड़ी में भेज दिया गया। उनका कहना है की पूछताछ के दौरान इस मामले और भी कई अहम् लोगों के नाम सामने आये है। लेकिन इस तरह से नगर निगम द्वारा इतने भूखंडों की लीज डीड कैसे जारी हो गई ये अनुसधान का विषय है। 

शर्मा ने बताया दरअसल आरोपियों से की गई पूछताछ ये बात सामने आई है की दोनों में से दीपक चौहान जो की युआईटी कॉलोनी का रहने वाला है ने फर्जी दर्तावेज तैयार करवाए थे और दूसरा राकेश सोलंकी जो की पंचमहल गुजरात हाल अम्बामाता उदयपुर का रहने वाला है गुजरात से डमी कैंडिडेट लेकर आया था उनके दस्तावेजों में फर्जी तरीके से हेरा फेरी कर भूखंडों का सौदा करता था।  

गौरतलब है की करीब 12 वर्ष पहले यूआईटी द्वारा नगर निगम को कुछ भूखंड ट्रांसफर किए थे जिन पर निगम द्वारा स्वामित्व के बोर्ड भी लगाए गए थे, लेकिन उनकी देखभाल नहीं होने के चलते उन पर कब्जे हो गए। वर्ष 2022 में ये मामला एसओजी के पास पहुंचा था तब से ही इस मामला का अनुसन्धान किया जा रहा था। 

इस मामले को कांग्रेस के पूर्व पार्षद अजय पोरवाल ने उठाया था जिसके बाद में इस 272 भूखंडों के घोटाले के मामले को पूर्व शहर विधायक और वर्तमान  पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और वर्तमान शहर विधायक ताराचंद जैन ने भी उठाया था। जैन ने करीब 4 महीने पहले इस मामले को विधानसभा में पुनः उठाते हुए कहा था की यह मामला करीब 500 करोड़ का घोटाला है।      


 

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