पांडुलिपियों के प्रोजेक्ट को देखने धरोहर संस्थान पहुंचे मंत्री

1 महीने पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने भी ज्ञान भारतम् सम्मेलन के दौरान धरोहर संस्थान के काम का जिक्र करते हुए तारीफ की थी
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Gajendra Singh Shekhawat reviews AI-based manuscript digitization at Dharohar Sansthan, Udaipur.

उदयपुर 15 अक्टूबर 2025। अपनी 2 दिवसीय यात्रा के दौरान केन्द्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत धरोहर संस्थान भी पहुंचे। उन्होंने वहां संग्रह प्रोजेक्ट के तहत किए जा रहे पांडुलिपियों के डिजिटाइजेशन प्रोसेस को समझा।

शेखावत ने विभिन्न प्रकार की पाण्डुलिपियों के स्कैनिंग वर्क को लाइव देखा और इसमें AI के उपयोग को भी जाना। प्रोजेक्ट के ऑपरेशनल हेड अंकित अग्रवाल ने बताया कि धरोहर द्वारा संग्रह प्रोजेक्ट के जरिए 25 लाख पांडुलिपियों के डिजिटाइजेशन करने का लक्ष्य है।

विभिन्न लिपियों की पांडुलिपियां देश की कई लाइब्रेरियों से ली जा रही है और उन्हें एक ही जगह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध करवाया जा रहा है।। इसके लिए ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन (OCR) और आर्टिफिशियल इंटलीजेंस (AI) जैसी टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

बता दें कि 1 महीने पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने भी ज्ञान भारतम् सम्मेलन के दौरान उदयपुर के धरोहर संस्थान के काम का जिक्र करते हुए तारीफ की थी। धरोहर उदयपुर की सिक्योर मीटर्स मल्टीनेशनल कंपनी की CSR संस्था है।

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