उदयपुर दुहरा हत्या कांड : लूट की नीयत से किये गये दोहरे हत्याकांड के पांच शातिर अपराधी गिरफ्तार

बॉलीवुड फिल्म से प्रेरित होकर की थी वारदात की प्लानिंग 

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Double Murder Udaipur

 

 

Udaipur Times News, Crime News Udiapur, Double Murder, उदयपुर 27 अगस्त 2026 - सायरा थानाक्षेत्र में बुजुर्ग दपत्ती के दोहरे हत्या कांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने गुरुवार को अपराध में शामिल ५ आरोपियों को गुजरात के सूरत से गिरफ्तार कर लिया। 
प्रध्मिक पूछताछ में सामने आया की मृतक के पडोसी ने अन्य राज्यों से अपने साथीयों के साथ मिलकर रची थी साजिश। 

एसपी उदयपुर डॉ अमृता दोहन ने मामले का खुलासा करते हुए कहा की घटना का मुख्य सूत्रधार अभियुक्त कुशल पालीवाल निवासी पुनावली को अच्छी लाईफ स्टाईल जीने व खर्चीले शौक थे।

अभियुक्त कुशल पालीवाल को यह जानकारी थी की उसके ही गांव के लहरीलाल पालीवाल के पास बहुत पैसे है और वह लोगो को पैसे उधार भी देते है और दोनो बुजुर्ग दम्पति घर पर अकेले रहते है। जिससे उसके मन मे विचार आया की इनके घर पर चोरी की वारदात की जा सकती है।

जिसकी प्लानिंग इसके द्वारा 1-1.5 साल पहले शुरू कर दी गई थी। कुछ माह पूर्व मुख्य सूत्रधार कुशल पालीवाल अपने साथी चन्दन के साथ रैकी करने गांव आया था।

 रैकी के बाद कुशल पालीवाल द्वारा अपने अन्य साथियों विकास व दिलीप चौधरी को इस बारे मे बता कर सम्मिलित कर लिया गया। Murder News Udiapur 

अभियुक्तो द्वारा विगत 1 माह पुर्व से ही उक्त जघन्य अपराध की रूपरेखा तैयार करनी शुरू कर दी गई थी कुशल पालीवाल अपने साथीयों चन्दन यादव, विकास खरवड, दिलीप चौधरी को साथ लेकर चन्दन यादव की कार ग्रेंड विटारा गुजरात नंबरी लेकर दिनांक 09.08.2026 को सुबह गोगुन्दा होते हुए पानेरियो की भागल सायरा आए वहा से कुशल व उसके साथी कुंभलगढ घुमने गए और फिर वापिस आकर गोगुन्दा टोल के पास होटल में रूम लेकर रूके एवं दिन मे कुशल पालीवाल द्वारा पुनवाली गांव के जीवन पालीवाल एवं अपने चचेरे भाई किशन पालीवाल को अपने मंसूबों मे साथ ले मृतक दम्पति के घर एवं उनके दिनचर्या की जानकारी जुटाई।

उसके बाद कुशल पालीवाल, चन्दन यादव, दिलीप चौधरी, विकास खरवड पुनः दिनांक 10.08.2026 को पुनावली आए और वारदात को अंजाम देने की नियत से अभियुक्त कुशल पालीवाल व चन्दन कुमार दोनो ने अपने फोन को अपने साथियो के पास गाडी मे रख एक अन्य फोन जो केवल वारदात के लिए ही काम लिया था को साथ लेकर मृतक दम्पति के घर गए इनके अन्य दो साथी विकास व दिलीप गाडी लेकर यहां वहां घुमते रहे।

 दोनो कुशल व चन्दन लेहरीलाल व राधाबाई के घर गए कुशल पालीवाल पडोसी होने से राधाबाई ने दोनो को घर मे आसानी से प्रवेश दे दिया एवं खाना खिलाया फिर दोनो सोने का नाटक करने लगे एवं मौके का इंतजार करने लगे किन्तु लोगो की आमद रफत एवं मौका नही मिलने से उस दिन केवल लेहरीलाल के घर पर रखी हथौडी को कुशल द्वारा अपने साथ छुपाकर साथ लेकर घर से निकल गए। कुशल व उसके साथी मौके की तलाश मे पुनावली के आस पास गाडी मे घुमते रहे । Double Murder Case

रात्रि मे पदराडा के आसपास जगह देखकर गाडी मे ही सो गए। अगले दिन दिनांक 11.08.2026 को सुबह कुशल व चन्दन मुताबिक प्लानिंग वारदात करने की नीयत से पुनः उसी हथौडी को पेंट मे छुपाकर मृतक दम्पति के घर की तरफ गए मगर दरवाजा बन्द होने से अन्दर
नही जा सके और वहा से वापिस लौट गए। कुशल व चन्दन को मृतक दम्पति घर मे जाने का मौका नही मिलने से सभी मिलकर परशुराम महादेव नाथद्वारा उदयपुर घुमने चले गए।

उसी दिन सभी ने विचार किया की जीवन पालीवाल और किशन पालीवाल जो कि पूर्व से रैकी करने व घर के सदस्यो की जानकारी देने मे सहयोग कर रहे थे उनकी सहायता से रात्रि के समय मृतक दम्पति के घर इस तरह से प्रवेश किया जाए कि किसी को भनक ना लगे । Syra Double Murder

किशन पालीवाल व जीवन पालीवाल दोनो अपनी जन्मपत्री दिखवाने के बहाने मृतक दम्पति के घर पहुचे ।

मृतका राधाबाई द्वारा दरवाजा खोला गया एवं किशन व जीवन दोनो राधाबाई के साथ लेहरीलाल के मकान के प्रथम तल पर होने पर तीनो उपर चले गए। Udaipur News

किशन और जीवन द्वारा अपने प्लान के तहत राधबाई का ध्यान भटका घर का मुख्य दरवाजा खुला छुडवाकर उपरी मंजिल पर लेहरीलाल के पास चले गए। मौका देख कुशल पालीवाल घर मे घुसकर बाथरूम मे छुप गया उसके बाद उसने जीवन व किशन को मैसेज कर बताया की मै अन्दर आकर छुप गया हुं तुम दोनो बाहर चले जाओ जिस पर जीवन व किशन दोनो बाहर चले गए फिर रात्रि मे दोनो के सोने का इंतजार किया गया। Elderly Couple Killed 

दम्पति के सोने के बाद कुशल पालीवाल द्वारा छुपकर मौका देखकर अपने तीनो साथियो चन्दन यादव, विकास खरवड, दिलीप चौधरी को बुलाकर मुख्य दरवाजे से अन्दर प्रवेश करा दिया । उसके पश्चात चारो ऊपरी मंजिल पर पहुचे और कुशल पालीवाल द्वारा सोते हुए लेहरीलाल के सिर पर हथौडे से बार बार वार करके उसकी हत्या करदी | चुंकि राधाबाई हमेशा की तरह नीचे वाले मे कमरे जिसमे सन्दूक था उसमे सोती थी जो अन्दर से बन्द किया हुआ था । राधाबाई को इस  घटना के बारे मे पता नही चला ।

 कुशल पालीवाल व उसके अन्य साथी विकास खरवड, दिलीप चौधरी, चन्दन यादव ने मिलकर घटनास्थल की साफ सफाई की एवं सूरत से अपने साथ लाई  प्लास्टिक थैलिया व कार्टन टेप से मृतक लेहरीलाल के शव को मजबुती से पैक किया ।

उसके बाद सभी मिलकर राधाबाई के दरवाजा खोलने का इंतजार करने लगे इसी दौराने शक नही हो इसलिए दिलीप और विकास को वहां से निकल गाडी लेकर सडक पर घूमते रहने व इशारे का इंतजार करने को कहा। घर मे ही रहे कुशल पालीवाल व चन्दन यादव द्वारा राधाबाई के उठने का इंतजार करने लगे अलसुबह जब राधाबाई उठी और नहाने जाने लगी तब मौका देखकर चन्दन द्वारा राधाबाई का मुंहदबाया ताकि आवाज बाहर ना जाए और कुशल द्वारा राधाबाई का गला घोंटकर मार दिया गया । Udaipur Crime News

 राधाबाई के पहने हुए गहने एवं राधाबाई के पास मिली चाबी से अलमारी खोल कुछ और जेवरात एवं नकदी को अपने पास रख लिया एवं राधाबाई के शव को भी उसी तरह से प्लास्टिक की थैलियो एवं कार्टन टेप से पैक कर दोनो के शवो को लोहे के संदूक मे बिस्तर हटाकर दोनो के शवो को सन्दूक मे लेटाकर ऊपर और बिस्तर डालकर इस तरीके से रख दिया की दोनो शवो के सडने से आने वाली दुर्गंध कई दिनो तक घरवालो को पता ना चले और पैसे, नकदी, जेवरात और दोनो मृतको के मोबाईल फोन और वारदात मे प्रयुक्त हथौडी अन्य शेष सामान को साथ ले कर घर के दरवाजा को अटका कर पैदल पैदल सडक पर अपने साथीयों के पास चले गए।

सभी अभियुक्तगण द्वारा पुलिस व परिजनो का ध्यान भटकाने के लिए मृतको के फोन को स्वीच ऑन कर हाईवे पर रास्ते मे फेंक दिया।

एसपी अमृता दुहन ने बताया कि दिनांक 12.08.2026 को प्रार्थी पुनावली निवासी  धुलीराम पालीवाल   ने एक रिपोर्ट दर्ज करवाई' थी की कि 12-08-2026 को उसके बड़े भाई लहरीलाल व उसकी भाभी राधा बाई के बारे में पड़ोसियों ने बताया कि दोनो लोग घर  पर नहीं है एवं मेन गेट खुला पड़ा है, तो मैं अपने बड़े भाई के घर गया और देखा घर पर कोई नहीं था व गेट खुला हुआ था। 

जिस पर उसने उसके भाई के फोन  पर सम्पर्क किया जो बन्द बता रहा था व भाभी राधा बाई के नंबर पर भी जिस पर कोई जवाब नहीं आ रहा था। उसके व उसके  परिवार द्वारा काफी तलाश व रिश्तेदारों से सम्पर्क किया परन्तु किसी प्रकार का अता-पता नहीं चला। उसकी रिपोर्ट पर एम.पी.आर. नम्बर 39 / 2026 दर्ज की' गई । गुमशुदा लेहरी लाल एवं राधाबीई की तलाश हेतु एक टीम का गठन किया जाकर तलाश शुरू की गई मौके पर जाकर जांच की गई एवं आस पडोस में पूछताछ की गई।

मृतक के मोबाइल नम्बर की कॉल डिटेल व लॉकेशन प्राप्त कर तलाश शुरू की गई ।

तलाश के दौरान लेहरी लाल के मकान से दुर्गन्ध आने पर दिनांक 14.08.2026 को गुमशुदा मृतक लेहरी लाल एवं मृतका राधाबाई की लाश अपने घर के अन्दर ही एक बक्से के अन्दर मिली

टीम द्वारा घटनास्थलल से आवश्यक साक्ष्य एकत्र करवाये गए एवं डॉग स्क्वॉड द्वारा मौके पर निरीक्षण किया गया। मृतक लेहरीलाल एवं मृतका राधाबाई के शव को महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय मोर्चरी उदयपुर भिजवाया गया, किन्ही अज्ञात व्यक्तियो द्वारा मृतक लेहरीलाल पालीवाल एवं मृतका राधाबाई पत्नी लेहरीलाल पालीवाल  की अज्ञात अभियुक्तों द्वारा रात्रि के समय की हत्या कर साक्ष्य मिटाने की नीयत से  प्लास्टीक की थैलियों में बाउन टेप से पैक कर सन्दूक में बिस्तरों के नीचे छुपा दिया था।

घटना की संदेवदनशीलता एवं ब्लाइंड दौहरे हत्याकांड की गम्भीरता को देखते हुए एसपी  द्वारा अज्ञात आरोपियो की गिरफतारी हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। एवं श्रीमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय उदयपुर मुकुल शर्मा और श्री छगन पुरोहित के निर्देशन मे  शैतानसिंह थानाधिकारी थाना सायरा द्वारा टीम का गठन किया गया।

एसपी अमृता दोहन ने बताया की बूलीवुड फिल्म दृश्यम के अंदाज मे आरोपियों ने पूरी प्लानइनिंग की और सुनियोजित तरीके से उसे अंजाम दिया । उन्होंने इसे रास्ते चुने जहां सीसी टीवी केमरे भी नहीं लगे हुए है ताकि उनके मॉवमेंट का किसी को पता नहीं लग पाए , लेकिन मामले की जांच के डोरण एक सीसी टीवी केमरे मे एक नीली रंग की कार अलसुबह इलाके से गुजरने का फुटेज सामने आया जिसके आधार पर मामले की जांच शुरू की गई और इस कार का पता लगाते लगाते पुलिस टीम इन आरोपियों तक पहुंची ।  
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1. तलाशी के बाद दिनांक 14.08.2026 को गुमशुदा मृतक लेहरी लाल एवं मृतका राधाबाई की लाश मृतक के घर के अन्दर ही एक लोहे के बड़े सन्दूक के अन्दर प्लासिटक की थैलीयो मे कार्टन टेप से पैक कर सन्दूक के बिस्तर के नीचे छुपाई हुई मिली, जिस पर सर्वप्रथम क्राईम सीन को सुरक्षित किया गया।

2. मामले के गंभीर होने के कारण मौके पर एफएसएल युनिट उदयपुर, डॉग स्क्वाड एवं चल मोबाईल अनुसंधान इकाई को बुलाया जाकर आवश्यक साक्ष्य संकलन किया गया । एसपी  डॉ. अमृतादुहन द्वारा विशेष टीम का गठन किया गया ।

3. मृतका राधाबाई व लेहरीलाल के शवो को मोर्चरी एमबीजीएच उदयपुर में सुरक्षित रखवाये जाकर अज्ञात मुल्जिमानों की सरगर्मी से तलाश शुरू की गई।

4. टीमों द्वारा तकनीकी एवं मनोवैज्ञानिक विश्लेषण किया जाकर विभिन्न रूप से आसूचना का संकलन किया जाकर परंपरागत एवं नवीन अनुसंधान तकनीक का सहारा लिया जाकर शातिर अभियुक्तो की पहचान करने एवं उन तक पहुंच बनाई गई ।

5. अभियुक्तों द्वारा घटनास्थल से खुन के धब्बो की सफाई कर पुरी सावधानी से ग्लवस का इस्तेमाल कर लाशों को प्लास्टिक की थैलीयो मे कार्टन टेप से पैक कर लोहे के बडे संदूक मे बिस्तरो के नीचे साथ सम्मिलित होकर मृतका राधाबाई एवं लेहरीलाल के हत्याकांड को लेकर न्याय की गुहार करते रहे ।

अभियुक्तों को अच्छी लाईफ स्टाईल जीने का शौक था जिस कारण से लोगो व बैंको से पैसे उधार व लोन लेकर समय पर वापस नही चुका पा रहा था लगातार बढ़ते कर्ज व आर्थिक तंगी के कारण कर्ज के जाल में फस गया था इसी आर्थिक दबाव और पैसों की व्यवस्था करने की मंशा से उसने लूट की वजह से बुजुर्ग दम्पति की हत्या जैसी वारदात को अंजाम दिया।
 

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