उदयपुर में मंदिर में प्रसादी कराने पर परिवार का हुक्का-पानी बंद, पंचायत ने लगाया 1.51 लाख रुपए का जुर्माना
Udaipur Times, Udaipur News: उदयपुर जिले के गोगुंदा थाना क्षेत्र के एक गांव में मंदिर में प्रसादी का आयोजन करने पर एक परिवार का कथित तौर पर सामाजिक बहिष्कार करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पंचायत के लोगों ने परिवार पर 1 लाख 51 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। जुर्माने की राशि नहीं देने पर परिवार को समाज से बाहर कर दिया गया।
पीड़ित परिवार के अनुसार, मई महीने में हुई घटना के बाद से वे लगातार पुलिस के चक्कर काट रहे थे, लेकिन मामला दर्ज नहीं हुआ। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर अब पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, नेतावतों की भागल, भूताला निवासी गणेश सिंह की रिपोर्ट पर 3 सितंबर 2026 को पंचायत के 5 प्रमुख पंचों सहित कुल 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच एएसआई विनेश कुमार कर रहे हैं।
रिपोर्ट में गणेश सिंह ने बताया कि 24 मई 2026 को गांव के मंदिर में उनके परिवार की ओर से प्रसादी का आयोजन किया गया था। आयोजन के बाद गांव के कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति जताई। आरोप है कि किशोर सिंह, तेज सिंह, नवल सिंह, मोहन सिंह, भैरू सिंह, चंदन सिंह, राम सिंह, कालू सिंह, लहर सिंह, कान सिंह और धर्मेंद्र ने परिवार से कहा कि उनकी अनुमति के बिना मंदिर में प्रसादी का आयोजन क्यों किया गया।
आरोप है कि इसके अगले दिन पंचायत बुलाई गई और परिवार पर 1 लाख 51 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। परिवार ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई तो कथित तौर पर पंचायत ने उन्हें और उनके पूरे परिवार को समाज से अलग कर दिया।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि सामाजिक बहिष्कार के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मामले में कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने अब आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा पंचायत के फैसले और सामाजिक बहिष्कार से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।