क्लेम खारिज करने पर उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी को ठहराया दोषी

बीमारी का हवाला देकर क्लेम खारिज करना अनुचित, आयोग ने बीमा कंपनी की दलील को नकारा
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उदयपुर 10 फ़रवरी 2026।  जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने स्वास्थ्य बीमा क्लेम खारिज करने के मामले में बीमा कंपनी के खिलाफ अहम फैसला सुनाया है। आयोग ने बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी को उपभोक्ता को 21,699 रुपये की क्लेम राशि ब्याज सहित लौटाने और मानसिक पीड़ा व परिवाद व्यय के रूप में 8,000 रुपये अतिरिक्त देने के आदेश दिए हैं। परिवादी की और से वाद एडवोकेट असीम खान की और से पेश किया गया था।

मामला उदयपुर निवासी विवेक पालीवाल से जुड़ा है, जिन्होंने वर्ष 2020 में बजाज आलियांज से My Healthcare Floater Policy ली थी। मार्च 2024 में एवी फिस्टुला के ऑपरेशन के लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा, जिस पर इलाज का खर्च 21,699 रुपये आया। परिवादी ने बीमा क्लेम प्रस्तुत किया, लेकिन बीमा कंपनी ने यह कहते हुए क्लेम खारिज कर दिया कि परिवादी को पहले से उच्च रक्तचाप और क्रॉनिक किडनी डिजीज की बीमारी थी, जिसकी जानकारी प्रस्ताव पत्र में नहीं दी गई।

आयोग ने मामले की सुनवाई के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों, मेडिकल रिकॉर्ड और दोनों पक्षों के तर्कों का परीक्षण किया। आयोग ने माना कि किडनी, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी बीमारियां शुरुआती चरण में पहचान में नहीं आतीं और केवल इस आधार पर क्लेम खारिज करना उचित नहीं है। आयोग ने यह भी कहा कि बीमा पॉलिसी जारी करने से पहले बीमा कंपनी की जिम्मेदारी होती है कि वह आवश्यक मेडिकल जांच कराए, जो इस मामले में नहीं की गई।

आयोग ने अपने निर्णय में कहा कि बीमा कंपनी द्वारा क्लेम अस्वीकार करना सेवा में कमी की श्रेणी में आता है। आदेश के अनुसार बीमा कंपनी को 21,699 रुपये की क्लेम राशि पर 1 जुलाई 2024 से 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित 45 दिनों के भीतर भुगतान करना होगा। इसके अलावा मानसिक पीड़ा और परिवाद व्यय के लिए 8,000 रुपये भी देने होंगे। निर्धारित समय में भुगतान नहीं होने पर बीमा कंपनी को अधिक ब्याज दर से राशि चुकानी होगी।

आयोग के इस फैसले को बीमा उपभोक्ताओं के अधिकारों की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।