उदयपुर में निजी हॉस्पिटल पर फिर उठे सवाल, इलाज के दौरान मासूम पहुंचा कोमा में

रिपोर्ट्स के अनुसार परिजनों का कहना है कि बच्चे की हालत बिगड़ने के बावजूद अस्पताल स्टाफ ने समय पर ध्यान नहीं दिया
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allegation on private hospital

Udaipur Times, Udaipur Local News: May 30, 2026 | Udaipur Local News: उदयपुर के एक निजी हॉस्पिटल एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। इस बार मामला एक मासूम बच्चे से जुड़ा है, जो मामूली तकलीफ के इलाज के लिए अस्पताल पहुंचा था, लेकिन अब जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

पीड़ित के पिता के अनुसार उनका बेटा खुद चलकर अस्पताल गया था, लेकिन इलाज के दौरान कथित रूप से एनेस्थीसिया का डबल डोज़ देने से उसकी हालत बिगड़ गई। आरोप है कि इलाज के दौरान बच्चे की धड़कन रुक गई और उसे तुरंत वेंटिलेटर पर डालना पड़ा। इसके बाद भी अस्पताल प्रबंधन लगातार मामले को छुपाने में लगा रहा। Udaipur News

परिजनों का कहना है कि बच्चे की हालत बिगड़ने के बावजूद अस्पताल स्टाफ ने समय पर ध्यान नहीं दिया और लगातार इंजेक्शन देकर स्थिति को और खराब कर दिया। बाद में न्यूरो डॉक्टरों ने बच्चे को कोमा में होना बताया। आज हालत यह है कि मासूम “जिंदा लाश” बनकर घर पर पड़ा है और अब भी इलाज जारी है। 

गौरतलब है कि हॉस्पिटल पर इससे पहले भी इलाज में लापरवाही और अव्यवस्थाओं के आरोप लगते रहे हैं। अब इस मामले ने पूरे हॉस्पिटल प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिवार ने राज्यपाल, स्वास्थ्य मंत्री, जिला प्रशासन और पुलिस से शिकायत कर दोषी डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। Medical Negligence Alleged in Udaipur

इस मामले में उदयपुर टाइम्स कि टीम की तरफ से कथित डॉक्टर से WhatsApp के ज़रिए संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया जा रहा है।  वहीँ CMHO Dr Ashok Aditya से संपर्क किया तो उन्होंने बताया की इस मामले को ले कर उनके पास कोई लेटर नहीं आया है और न ही किसी ने उनसे संपर्क किया है। उन्होंने कहा की वे एक दिन बाद मामले की जांच करेंगे और यदि ऐसी कोई घटना हुई है तो इस पर कार्यवाही होगी।