दूध कारोबार की रंजिश में सुपारी कांड का खुलासा
उदयपुर 17 अप्रैल 2026। ज़िले के गोगुंदा थाना क्षेत्र के वणी में 2 अप्रैल रात 8:30 बजे हुए जानलेवा हमले के मामले में गोगुंदा पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश कर दिया है। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देश पर गिर्वा DySP गोपाल चंदेल के नेतृत्व में थानाधिकारी श्याम सिंह चारण की टीम ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं।
थानाधिकारी श्याम सिंह चारण ने बताया कि सेमटाल निवासी शंकरलाल पालीवाल पर हुआ हमला आपसी रंजिश का परिणाम है। दूध के व्यवसाय में प्रतिस्पर्धा के चलते वणी निवासी लक्ष्मण सिंह पिता नाहर सिंह ने अपने प्रतिद्वंद्वी को रास्ते से हटाने के लिए एक लाख रुपए की सुपारी दी थी।
यह सुपारी मनोहर सिंह पिता गणेश सिंह निवासी वणी (हाल निवासी मुंबई) को दी गई, जिसने करीब एक माह पूर्व जेल से छूटे दो शातिर बदमाशों को वारदात के लिए तैयार किया। आरोपियों ने 2 अप्रैल की शाम करीब 8:30 बजे वणी कट स्थित आशापुरा होटल के पास शंकरलाल पालीवाल पर लूट और हत्या की नीयत से हमला कर दिया।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने 150 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले, जिसमें एक बाइक पर सवार तीन संदिग्ध करीब 3 घंटे तक क्षेत्र में रेकी करते नजर आए। इसके आधार पर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और हुलिए के आधार पर मुख्य आरोपी लक्ष्मण सिंह निवासी वणी तथा हमलावर टीकम उर्फ टिक्सा पुत्र मोहनलाल गमेती निवासी रामा को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली गई है।
मामले में मनोहर सिंह, मनीष पुत्र कालू गमेती निवासी रामा थाना सुखेर तथा विरेंद्र सिंह उर्फ विजू निवासी खंडावली उषाण थाना खमनोर फिलहाल फरार हैं। पुलिस उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही है और जल्द गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है। पुलिस के अनुसार यह पूरी वारदात सुनियोजित साजिश के तहत अंजाम दी गई, जिसमें आर्थिक प्रतिस्पर्धा ने अपराध का रूप ले लिया।
वहीं, हमले में घायल शंकरलाल पालीवाल का अस्पताल में उपचार जारी है। गनीमत रही कि चाकू पीठ में लगने से उनकी जान बच गई। कार्रवाई में थानाधिकारी श्याम सिंह चारण, झाड़ोल थानाधिकारी फेलीराम, एएसआई हरिसिंह राठौड़ सहित पुलिस टीम के कई सदस्य शामिल रहे। मामले के खुलासे में सत्यनारायण, भूपेंद्र सिंह, प्रदीप कुमार, राजेंद्र और वीरेंद्र की अहम भूमिका रही।
चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई कि मुख्य आरोपी वारदात के बाद भी बेखौफ होकर गोगुंदा बस स्टैंड पर स्कूल के बाहर रोजाना की तरह वडा पाव बेचता रहा। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है।
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