कोर्ट के आदेश के बाद भी चल रही अवैध व्यावसायिक गतिविधियां?
गतिविधियों को रोकने के लिए उदयपुर न्यायालय द्वारा दिनांक 16 मार्च 2023 को स्पष्ट आदेश पारित किया था, बता रहे हैं सोहेल खान
उदयपुर 19 नवंबर 2025: उदयपुर नगर निगम में एक गंभीर मामला सामने आया है। सुत्रों ने बताया की सम्बंधित प्रशासनिक अधिकारीयों को ज्ञापन भी दिया गया एवं गंभीर सवाल उठाया है।
सुत्रों ने बताया कि शहर की एक कॉलोनी में चल रही अवैध व्यावसायिक गतिविधियों को रोकने के लिए उदयपुर न्यायालय शहर दक्षिण द्वारा दिनांक 16 मार्च 2023 को स्पष्ट आदेश पारित किया था कि उक्त संपत्ति का व्यावसायिक उपयोग व उपभोग नहीं किया जाए। लेकिन 30 महीनों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी यहां पर व्यावसायिक गतिविधियां जारी है।
जानकारी के अनुसार इस स्थान के लिए इसके संचालक द्वारा करीब 10 साल पहले निगम से आवासीय निर्माण की अनुमति ली थी, लेकिन उसके द्वारा यहाँ व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कर दी गई। सुत्रों का कहना है की ऐसे में इस क्षेत्र में रह रहे लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों का आरोप है की कुछ लोगों के रसूक की वजह से इस स्थान में न्यायालय के आदेश के बावजूद भी अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। ना ही इसकी गतिविधियों को रुकवाया गया है और ना ही इसे सीज़ किया गया है। सूत्रों का कहना है की रसूखदारों के दबाव में कार्रवाई नहीं हो रही हैं और परिसर को सीज़ नहीं किया जा रही है।
सूत्रों ने बताया की दिनांक 10 सितम्बर 2025 को स्वयं नगर निगम ने इस मामले को लेकर संचालक को तीन दिन का नोटिस जारी किया था, फिर भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। सूत्रों के अनुसार जब इस मामले को लेकर सम्बंधित अधिकारी को संपर्क किया गया और इस मामले की शिकायत की गई, तो उन्होंने यह कह दिया की वह खुद इस मामले की जाँच करवा रहे है। जब की लोगों का कहना है की इस मामले में न्यायलय के आदेशों की पलना करनी है न ही कोई जांच करवाने है।
लोगों ने मांग की है की इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की जाए और कोर्ट के आदेश की तत्काल पालना करवाकर उक्त परिसर को सीज की जाए। कोर्ट के आदेश के बाद भी व्यावसायिक गतिविधियां जारी है, जिस पर सवाल उठ रहे हैं।
