मांडवा पीएचसी में युवती की मौत पर हंगामा
मुआवजा और कार्रवाई की मांग पर धरना
उदयपुर 2 मई 2026 । मांडवा पीएचसी में 18 वर्षीय युवती की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। घटना के दूसरे दिन शनिवार को कोटड़ा सीएचसी के बाहर बड़ी संख्या में ग्रामीणों और परिजनों ने मुआवजा तथा सरकारी नौकरी की मांग को लेकर धरना दिया। जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर आरती कुमारी को खांसी-जुकाम की शिकायत पर मांडवा पीएचसी ले जाया गया था। आरोप है कि वहां मौजूद जीएनएम ने डॉक्टर की अनुपस्थिति में बिना जांच और बिना पर्ची बनाए युवती को इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगाने के कुछ ही मिनटों बाद आरती की मौत हो गई।
घटना के बाद ग्रामीणों में गुस्सा फैल गया। शनिवार सुबह 10 बजे से कोटड़ा सीएचसी के बाहर परिजन और ग्रामीण धरने पर बैठ गए। युवती का शव सीएचसी की मॉर्च्यूरी में रखा गया था। परिजनों ने मांग रखी कि जब तक उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी का आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा।
मौके पर तहसीलदार, बीएमओ और पुलिस अधिकारी पहुंचे तथा परिजनों से लगातार समझाइश की। करीब 8 घंटे तक चली वार्ता के बाद सहमति बनी। डीएसपी डूंगरसिंह ने बताया कि परिजनों की मांगों पर सहमति बन गई है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया, नर्सिंगकर्मी के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्णय लिया गया है तथा 5 लाख रुपये के आर्थिक मुआवजे पर भी सहमति बनी है।
इसके बाद पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
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