उदयपुर के MB अस्पताल में वाहन चोर बेखौफ! पार्किंग ठेका व्यवस्था पर उठे सवाल
Udaipur Times, Crime Update: 10 जून 2026। उदयपुर संभाग के सबसे बड़े महाराणा भूपाल चिकित्सालय (MB हॉस्पिटल) में लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं ने मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि इन घटनाओं के बीच चिकित्सालय में तैनात होमगार्ड जवानों की सतर्कता और मुस्तैदी ने कई बड़ी वारदातों को नाकाम कर दिया।
जानकारी के अनुसार सोमवार रात्रि को चिकित्सालय परिसर में एक युवक चोरी की चाबियों की सहायता से अस्पताल स्टाफ की दोपहिया वाहनों के ताले खोलने का प्रयास कर रहा था। इस दौरान सतर्क होमगार्ड जवानों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
वहीं मंगलवार देर रात एक और बड़ी वाहन चोरी की वारदात सामने आई। खेमपुर निवासी संदीप और रतन अपने अन्य दो साथियों के साथ एक्टिवा पर सवार होकर MB चिकित्सालय पहुंचे और जनाना OPD के बाहर खड़ी फिरोज खान की हीरो होंडा पैशन मोटरसाइकिल चोरी कर ले गए। घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित द्वारा पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद होमगार्ड जवानों ने अस्पताल परिसर के निकास मार्गों पर निगरानी बढ़ाते हुए वाहन की तलाश शुरू कर दी।
करीब एक घंटे बाद आरोपी चोरी की गई बाइक पर दोबारा अस्पताल पहुंचे और मिराज गार्डन के सामने खड़ी एक अपाचे मोटरसाइकिल का लॉक तोड़कर उसे चोरी करने का प्रयास करने लगे। इसी दौरान नाइट इंचार्ज होमगार्ड जसवंत सिंह और कैलाश गुर्जर ने मुस्तैदी दिखाते हुए चार आरोपियों में से दो को मौके पर ही दबोच लिया, जबकि उनके दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। सूचना पर पहुंची हाथीपोल थाना पुलिस दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर थाने पहुंची, जहां पीड़ित पक्ष की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
लगातार हो रही चोरी की घटनाओं ने अस्पताल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। विशेष रूप से उस निजी जयपुर की कंपनी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं जिसे अस्पताल परिसर में वाहन पार्किंग और प्रवेश-निकास व्यवस्था का ठेका दिया गया है। नियमों के अनुसार परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक वाहन को पर्ची दी जाती है तथा बाहर निकलते समय पर्ची का मिलान किया जाना चाहिए। ऐसे में यह बड़ा सवाल है कि यदि व्यवस्था प्रभावी है तो चोरी के वाहन परिसर से बाहर कैसे निकल रहे हैं?
फिलहाल दो दिनों में तीन चोरों को पकड़कर होमगार्ड जवानों ने यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद उनकी सतर्कता अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था से कहीं अधिक प्रभावी साबित हो रही है।
