महिला को उसकी चचेरी बहन, भांजियों ने तांत्रिक के साथ मिलकर तंत्र मंत्र के नाम पर लूटा

महिला को उसकी चचेरी बहन, भांजियों ने तांत्रिक के साथ मिलकर तंत्र मंत्र के नाम पर लूटा

तांत्रिक, पीड़िता की चचेरी बहन और भांजियां मिलकर 15.80 लाख के जेवरात व नकदी ले गए

 
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उदयपुर । शहर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र में एक विवाहिता ने चचेरी बहन व उसकी बेटियों व तांत्रिक के खिलाफ गृहशांति और बीमारी के नाम से 15 लाख 80 हजार रूपए के गहने और नकदी ले जाने का मामला दर्ज करवाया है।

पुलिस के अनुसार लक्ष्मी सालवी पत्नी जगदीश सालवी निवासी यूआईटी कॉलोनी प्रतापनगर ने रूपेश सुथार पुत्र गुलाब चन्द सुथार निवासी लवाणा राजसमंद, प्रेमलता उर्फ पिंकी पत्नी कालू सालवी, रिया सालवी उर्फ रानु पुत्री धर्मेन्द्र सालवी, रिदिमा सालवी उर्फ टोना पुत्री धर्मेन्द्र सालवी निवासी नाकोडा नगर रकमपुरा रोड़ के खिलाफ मामला दर्ज करवाया कि वह घर परिवार की परेशानियों व अपनी बीमारी से काफी परेशान रहती है। 

उसकी चचेरी बहन प्रेमलता सालवी उर्फ पिंकी ने रूपेश सुथार से परिचय करवाया और बताया कि रूपेश तंत्र-मंत्र करता है। प्रेमलता व रूपेश उसके घर पर आये और पूजा के लिए कहा। उन्होने पीड़िता से चांदी के दो कड़े, गले में पहनी 1.5 तोला सोने की चेन व 1 तोले सोने की टोकरी पूजा के बाद लौटाने के बहाने लेकर गए। अगले दिन फोन कर सोना कम पड़ने की बात कहते हुए अतिरिक्त सोना मांगा, जिस पर 3.5 तोला वजनी बाजूबंद ले गए। उसके पिता की भी तबीयत खराब रहने पर प्रेमलता ने रूपेश के साथ उसकी बड़ी बेटी रिया सालवी उर्फ रानू को भेजा और अधिक सोना मांगा ताकी उसके पिता का स्वास्थ्य दुरूस्त हो जाए। इस पर 3.5 तोला वजनी सोने का हार, टोकरिया 1 तोला, कान के एयरिंग 1.5 तोला ले गए। इसके बाद तंत्र-मंत्र के नाम से 90 हजार रूपए मांगे तो उसने मना कर दिया।

कुछ समय बाद आरोपी ने चांदी के जो 2 कड़े पुनः लाकर दिए और कहा कि दोनो कडे पूजा हवन से सिद्ध है। साथ ही ओर सोना मांगा, जिस पर 2 तोले सोने की चैन ले गए। बाद में आधा तोला वजनी सोने के कान के झुमके भी ले गए। कुछ समय बाद ग्लास फेक्ट्री स्थित शिव मंदिर में 56 भोग किया गया, जिसका प्रसाद देने के बहाने रूपेश सुथार व रिदिमा सालवी घर आए और प्रसाद देकर उससे 15 हजार रूपए मांगे। इस तरह से अलग-अलग समय में 2.75 लाख रूपए पूजा, पाठ, हवन के नाम से ले गए। घाए 56 भोग इत्यादि के नाम से ले गए। उसने जेवरात लौटाने के लिए कहा तो वह आना-कानी करने लगा। 

बाद में उसके पति ने जब दबाव बनाया तो रूपेश सुधार ने एक स्टॉम्प पर लिखकर दिया और 15.80 लाख रूपए का चैक दिया। उसने थाने में परिवाद दिया तो उसे थाने बुलाकर 2 लाख रूपए दिए और 5.21 लाख रूपए का चैक दिया। उसने चैक बैंक में पेश किया तो अनादरित हो गया। बाद में आरोपियों ने उसके खाते में अलग-अलग समय में 2.55 लाख रूपए ट्रांसफर किए और अब पैसा देने से साफ इंकार कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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