उदयपुर में यूथ कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. दिव्यानी कटारा ने जताया जान का खतरा
Udaipur Times, Crime News: उदयपुर मे यूथ कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. दिव्यानी कटारा ने अपनी ही पार्टी के नेता से जुड़े लोगों पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। उन्होंने पूर्व मंत्री स्वर्गीय खेमराज कटारा के बेटे और उदयपुर ग्रामीण विधानसभा से कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी विवेक कटारा के समर्थकों पर धमकी देने का आरोप लगाते हुए गोवर्धन विलास थाने में FIR दर्ज कराई है।
डॉ. दिव्यानी कटारा की शिकायत के अनुसार, उनकी टीम के एक सदस्य को फोन पर धमकी दी गई। आरोप है कि फोन करने वाले ने कहा कि डॉ. दिव्यानी के अब उल्टे दिन शुरू हो गए हैं और उन्हें कहीं भी रोककर मार सकते हैं। शिकायत में अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने, कपड़े फाड़ने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
FIR में तीन लोगों के नाम
गोवर्धन विलास थाने में दर्ज FIR में डॉ. दिव्यानी कटारा ने किशन डांगी, भरत रामानुज और अवित खराड़ी के नाम दिए हैं। शिकायत के अनुसार घटना 4 सितंबर की रात करीब 10:30 बजे की है।
डॉ. दिव्यानी ने पुलिस को बताया कि किशन डांगी ने उनकी टीम के एक सदस्य को फोन किया था। उस समय वह खुद भी कॉन्फ्रेंस कॉल के माध्यम से बातचीत में जुड़ी हुई थीं। आरोप है कि बातचीत के दौरान फोन करने वाले ने खुद को उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी विवेक कटारा की पत्नी सुखबीर कटारा का भाई बताया।
सोशल मीडिया पर भी अभद्र टिप्पणियों का आरोप
डॉ. दिव्यानी कटारा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि इसके बाद उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर जातिगत गालियां और आपत्तिजनक टिप्पणियां भी की गईं। उन्होंने अपनी जान-माल को गंभीर खतरा बताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
मामले की जांच गिरवा डीएसपी छगन राजपुरोहित को सौंपी गई है। FIR दर्ज होने के बाद कांग्रेस के स्थानीय से लेकर प्रदेश स्तर तक इस मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
विवेक कटारा ने पहले दिया था अपना पक्ष
वहीं, इस पूरे विवाद को लेकर विवेक कटारा ने पहले अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि उनका मकसद केवल इतना था कि चुनाव के दौरान डॉ. दिव्यानी जहां भी जाएं, वहां पार्टी के अन्य कार्यकर्ता भी उनके साथ रहें। उन्होंने कहा था कि उन्होंने दिव्यानी से पूछा था कि वह अकेले क्यों जा रही हैं, क्योंकि इससे पार्टी के बारे में गलत संदेश जाता है।
विवेक कटारा के अनुसार, पार्टी कार्यकर्ताओं से लेकर ब्लॉक अध्यक्ष तक ने उनसे पूछा था कि यह सब क्या चल रहा है। इसके बाद उन्होंने डॉ. दिव्यानी को फोन किया था और उनका कहना था कि उन्होंने यह बातचीत पार्टी के हित में ही की थी।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और धमकी, सोशल मीडिया पर की गई कथित टिप्पणियों तथा पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।