Udaipur Times, Education News: उदयपुर के RNT मेडिकल कॉलेज MBBS के प्रथम वर्ष के नए बैच के लिए काउंसलिंग के साथ कॉलेज प्रशासन जरूरी तैयारियों में जुट गया है। प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के प्रवेश से पहले रैगिंग की रोकथाम को लेकर RNT मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए तैयारियां तेज कर दी हैं।
RNT प्रिंसिपल डॉ. राहुल जैन के निर्देशन में एंटी रैगिंग समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में रैगिंग की रोकथाम, प्रभावी निगरानी तथा विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित एवं भयमुक्त शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में अतिरिक्त प्रधानाचार्य डॉ. विजय गुप्ता, डॉ. श्वेता बियानी, डॉ. कुशल गहलोत, डॉ. नरेंद्र राठौर एवं डॉ. परवीन ओझा सहित एंटी रैगिंग कमेटी के सदस्य, एमबीबीएस सेकंड ईयर एवं थर्ड ईयर के विद्यार्थी उपस्थित रहे।बैठक के दौरान विद्यार्थियों से भी रैगिंग रोकने के संबंध में सुझाव लिए गए। विद्यार्थियों ने कॉलेज परिसर में प्रभावी निगरानी, जागरूकता तथा रैगिंग से संबंधित शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सहित विभिन्न सुझाव दिए।
समिति के सदस्यों एवं वरिष्ठ चिकित्सकों ने भी रैगिंग की किसी भी संभावना को रोकने के लिए कॉलेज परिसर में सघन निगरानी रखने तथा विद्यार्थियों को रैगिंग के दुष्परिणामों एवं नियमों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।
डॉ. राहुल जैन ने बताया कि रैगिंग की रोकथाम के लिए कॉलेज परिसर में आठ एंटी रैगिंग दल गठित किए गए हैं। ये दल कॉलेज परिसर के विभिन्न महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील स्थानों पर तैनात रहेंगे और नियमित रूप से निगरानी करेंगे। नए विद्यार्थियों के आवागमन वाले स्थानों सहित हॉस्टल एवं अन्य प्रमुख स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी, ताकि रैगिंग की किसी भी घटना को प्रारंभिक स्तर पर ही रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि रैगिंग किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। वरिष्ठ विद्यार्थियों को नए विद्यार्थियों के साथ सहयोग एवं मार्गदर्शन की भावना से व्यवहार करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। किसी भी विद्यार्थी को रैगिंग का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए प्रशासन द्वारा हर स्तर पर प्रभावी निगरानी और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
RNT प्रशासन द्वारा रैगिंग की रोकथाम के लिए सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन, यूजीसी, नालसा, राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज तथा नेशनल मेडिकल कमीशन के निर्देशों के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
प्रशासन ने विद्यार्थियों से अपील की कि रैगिंग से संबंधित किसी भी घटना, दबाव या अनुचित व्यवहार की जानकारी तत्काल एंटी रैगिंग कमेटी को दें। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि रैगिंग के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी तथा दोषी पाए जाने वाले विद्यार्थियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।