वर्ल्डस ग्रेटेस्ट रिकार्ड्स में राजस्थान विद्यापीठ का नाम दर्ज

लॉकडाउन के समय सर्वाधिक प्रतिभिगियों के ऑनलाइन क्विज को आयोजित किया

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RAJASTHAN VIDHYAPEETH
कोविड 19 के दौरान विद्यापीठ ने बनाया रिकार्ड

उदयपुर 9 जून 2022 । किसी बेहतरीन कार्य को करने के लिए यदि ठान लिया जाए तो हर समय व परिस्थिति अनुकूल हो जाती हैं। यह संभव हुआ है उदयपुर के जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय में, जहां कोविड-19 महामारी के लॉकडाउन के समय एक ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी के आयोजन में इतने अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया कि इस प्रश्नोत्तरी को अंतरराष्ट्रीय संगठन वर्ल्डस ग्रेटेस्ट रिकॉर्ड्स, जो प्रमाणीकरण के साथ दुनिया भर के असाधारण रिकॉर्ड्स को सूचीबद्ध और सत्यापित करता है, ने राजस्थान विद्यापीठ को सर्वाधिक प्रतिभागियों के क्विज के रिकॉर्ड की मान्यता प्रदान की। प्रमाणपत्र वर्ल्डस ग्रेटेस्ट रिकॉर्ड्स के अधिनिर्णायक के. कोशिक द्वारा प्रदान किया गया।

कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत के निर्देशन में डॉ. चंद्रेश छतलानी द्वारा निष्पादित इस दो दिवसीय क्विज में 4481 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

इस अवसर पर संस्था से प्राप्त गोल्ड मेडल व प्रमाण पत्र प्राप्त करते हुए प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने कहा कि कोविड-19 को रोकने हेतु लॉकडाउन के कठिन समय में आईसीटी द्वारा न केवल भावनात्मक बल्कि संज्ञानात्मक विकास में भूमिका का निर्वहन करते हुए इस समय का उपयोग ज्ञानार्जन करने और  कौशल विकसित करने व अंततः देश के मूल्य आधारित विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले नागरिकों को तैयार करने में किया है। आज भी आवश्यकता है आईसीटी का सही दिशा में प्रयोग करने की। इसी विचार को ध्यान में रखते हुए इस क्विज का आयोजन किया गया था। 

समन्वयक डॉ. चंद्रेश कुमार छ्तलानी ने बताया कि यह क्विज दो भागों में आयोजित किया गया था पहला भाग विद्यालयों के पांचवी से आठवीं कक्षा का तथा दूसरा भाग उच्च कक्षाओं, महाविद्यालय एवं विद्यालयों के शिक्षकों व सामान्य जन हेतु था। लॉकडाउन जैसे समय में ऐसी गतिविधियां न केवल भय को कम करती हैं वरन तनाव भी कम करती है।

कुल प्रमुख बी.एल. गुर्जर ने प्रो. सारंगदेवोत को रिकॉर्ड का मेडल पहनाते हुए कहा कि महामारी जैसे विपदा के समय में भी उत्तम कार्यों को अंजाम दे पाना राजस्थान विद्यापीठ की संस्कृति है। प्रो. सारंगदेवोत इसी संस्कृति के कुशल संवाहक हैं और उनकी टीम उनके द्वारा दिए जा रहे कार्य-निर्देशों के निष्पादन में कुशल।

इस अवसर पर डॉ. पारस जैन, नासिर, डॉ. मनीष श्रीमाली, डॉ. तरुण श्रीमाली, एनआईटी के डॉ. मुनेश त्रिवेदी, डॉ. प्रकाश शर्मा, निजी सचिव कृष्णकान्त कुमावत, जितेन्द्र सिंह चौहान, डॉ. नजमुद्दीन, मुर्तजा, रोशन गर्ग व विकास डांगी उपस्थित थे।

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