सस्टेनेबल बिल्डिंग मटेरियल एवं तकनिकी विकास के लिए गिट्स एवं अल्ट्राटेक सीमेंट में करार

सस्टेनेबल बिल्डिंग मटेरियल एवं तकनिकी विकास के लिए गिट्स एवं अल्ट्राटेक सीमेंट में करार

इस करार के तहत अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड ने सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस की स्थापना की है
 
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किसी भी देश की प्रगति का आधार आधुनिक तकनीकी से युक्त वहां की शिक्षा वयवस्था होती है। इसलिए शिक्षण संस्थानों का उत्तरदायित्व बनता है कि वहां पढ़ने वाले छात्र छत्राओ को समय की मांग के अनुसार शिक्षा प्रदान करें। जिससे राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान प्रदान कर सके।

इसी क्रम में गीतांजलि इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्निकल स्टडीज (गिट्स) के सिविल इंजीनियरिंग विभाग एवं अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड के मध्य सस्टेनेबल बिल्डिंग मटेरियल एवं तकनिकी विकास के लिए करार हुआ । यह करार गिट्स के संस्थान के निदेशक डॉ. एन.एस राठौड़ एवं अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड के वेस्ट जोनल हेड टेक्निकल सलूशन हितेश पनेलिया के समझौता प्रपत्रों के आदान प्रदान के साथ किया गया। इस करार के तहत छात्रों को इंस्डस्ट्री रेडी, एआई रेडी बनाने में मदद मिलेगी। 

संस्थान के निदेशक डॉ. एन.एस राठौड़ इस अवसर पर ग्रीन कंस्ट्रक्शन पर जोर देते हुए कहा कि राष्ट्र के इंफ्रास्टर के निर्माण में सिविल इंजीनियरिंग का बहुत बड़ा योगदान होता है। सिविल इंजीनियरिंग राष्ट्र निर्माण के साथ साथ दैनिक जीवन में बुनियादी चीजे, निर्माण डिज़ाइन व उसके रख रखाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

इस बुनियादी ढांचे में बड़ी बड़ी इमारते, पुल, सड़के हवाई अड्डे, सीवरेज सिस्टम आदि शामिल हैं। इन इंफ्रास्टक्चर के विकास में आने वाली युवा पीढ़ी का योगदान होता है। जो यह सुनिश्चित कर सके कि भविष्य में बनने वाले कंस्ट्रक्शन पर्यावरण के अनुकूल के साथ साथ ऊर्जा को बचाने वाह्य प्रदुषण के साथ साथ, टिकाऊ और आतंरिक प्रदुषण से मुक्त हों जो "एन्वायरमेंटल इम्पैक्ट" को कम कर सके।

इन्ही सब बातो से छात्र-छात्राओं को अवगत कराने के लिए गिट्स एवं अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड के बीच यह करार किया गया। इस करार के तहत अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड ने सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस की स्थापना की है। जिसको सिविल इंजीनियरिंग आधरित आधुनिक तकनीकों से युक्त किया जायेगा। जिसमे सस्टनेबल इंफ़्रा, इंस्डस्ट्री रेडी, एआई रेडी छात्र तैयार किये जायेगे। जिससे स्मार्ट बिल्डिंग मटेरियल बनाने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम के संयोजक एवं सिविल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष वर्मा के अनुसार इस करार के तहत अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड द्वारा विकसित किये गए। इस लैब में डिज़ाइन निर्माण एवं संचालन का पर्यावरणीय दृष्टिकोण तथा विभिन्न सिविल आधारित सॉफ्टवेयर छात्र छात्राओं को सिखाये जायेगे तथा करार के तहत सेमिनार, कॉन्फ्रेंस, एक्सपर्ट टॉक, फील्ड विजिट एवं रिसर्च कराये जायगे। जिससे छात्र बी.टेक के कोर्स करने के पश्चात अल्ट्रा सीमेंट या उसके समकक्ष किसी भी कंपनी में प्लेस होकर राष्ट्र के निर्माण में अपनी भागीदारी निभा सकते हैं। 



 

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