Udaipur Times, NEET UG Counselling: राजस्थान मे अब डॉक्टर बनने के राह मे निजी मेडिकल कॉलेजों की महंगी फीस रोड़ा बन रही है।
तीसरे राउन्ड की NEET UG Counselling के बाद प्रदेश के सभी सरकारी और राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी (Raj-Mes) के अधीन सरकारी मेडिकल कॉलेजेस की सीटे लगभग भर चुकी है लेकिन निजी कॉलेजों मे 1000 से अधिक सीटे खाली है।
निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस सरकारी मेडिकल कॉलेजों के मुकाबले ढाई गुणा महंगी है । राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी (Raj-Mes) के अधीन सरकारी मेडिकल कॉलेजेस की सालाना फीस जहां 10 लाख रुपये है वहीं निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस करीब 25 लाख रुपये सालाना है। ऐसे मे कई योग्य छात्र के परिवार महंगी फीस देने की स्थिति मे नहीं होते है।