11 सालों में पहली बार एक भी छात्र पिछली कक्षा में फेल हुए बिना देगा दसवीं बोर्ड

पिछले साल कोरोना के चलते नवीं के छात्रों को फेल नहीं किया जा रहा है। वहीं पिछले साल कोरोना के चलते नवीं के छात्रों को प्रमोट करके दसवीं में प्रवेश दिया गया

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स्कूल खुल चुके  हैं लेकिन 50 फिसदी छात्र ही आ रहे हैं, इनके नियमित टेस्ट का भी कोई कार्यक्रम तय नहीं किया गया है। इस साल हाफ ईयरली व प्री बोर्ड एग्जाम के बारे में निर्णय नहीं लिया गया। 

11 सालों में पहली बार ऐसा होगा जब एक भी छात्र पिछली कक्षा में फेल हुए बिना राजस्थान बोर्ड का दसवीं का एग्जाम देगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि एक अप्रैल 2010 से शिक्षा का अधिकार कानून लागू होने के बाद एक से आठवीं तक के छात्रों को फेल नहीं किया जा रहा है।

वहीं पिछले साल कोरोना के चलते नवीं के छात्रों को प्रमोट करके दसवीं में प्रवेश दिया गया। मार्च 2020 में लॉकडाउन से पहले ही दसवीं का कोर्स, पूरा हो गया था। क्लास टेस्ट के साथ हाफ ईयरली और प्री बोर्ड भी हो गए थे। इन परीक्षाओं के परिणामों से छात्र अपनी तैयारियां का आंकलन कर पाए। 

2021 में पढ़ाई ऑनलाइन हुई है। अब स्कूल खुल चुके  हैं। लेकिन 50 फिसदी छात्र ही आ रहे हैं। इनके नियमित टेस्ट का भी कोई कार्यक्रम तय नहीं किया गया है। इस साल हाफ ईयरली व प्री बोर्ड एग्जाम के बारे में निर्णय नहीं लिया गया। 

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