हातिम कांकरोलीवाला ने सीए फाइनल में शहर में पहला स्थान प्राप्त किया

हातिम कांकरोलीवाला ने सीए फाइनल में शहर में पहला स्थान प्राप्त किया

हातिम ने बताया की उनके अचीवमेंट के बाद उनके परिवार ही नहीं उनके टीचर्स भी बहुत खुश है
 
hatim kankroli

चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की ओर से सीए फाइनल व इंटरमीडिएट के नतीजे बुधवार को घोषित किए गए। उदयपुर शाखा के चेयरमैन अभिषेक संचेती ने मीडिया को बताया कि मई में हुई सीए फाइनल परीक्षा में देश में 13430 सीए बने। सचिव सीए राहुल माहेश्वरी ने बताया कि सीए के इंटरमीडिएट के प्रथम ग्रुप में 19103, द्वितीय में 19208, व दोनों ग्रुप में 4014 विद्यार्थी पास हुए। चेयरमैन संचेती ने बताया कि उत्तीर्ण छात्रों का उदयपुर सीए भवन में गुरुवार हैं को सम्मान किया गया। 413 अंक प्राप्त किये 

इन होनहारों में एक नाम शामिल है उदयपुर के हातिम कांकरोलीवाला का जिन्होंने अपनी मेहनत, लगन और अपने माता-पिता की दुआओ से उदयपुर में पहला स्थान हासिल किया। 

उदयपुर टाइम्स की टीम से बात करते हुए हातिम ने बताया की उन्होंने अपनी स्कूलिंग सेंट पॉल्स सीनियर सेकेण्डरी स्कूल से पूरी की, 12th क्लास में उन्होंने 92 % अंक प्रताप किये थे। 

अपने स्थिति को देखते हुए सब से नॉमिनल फीस वाली पढाई चार्टर्ड अकाउंटेंट की ही की जा सकती थी, इसीलिए उन्होंने इसे चुना था। धीरे धीरे पढाई शुरू  की और सीए फाउंडेशन में उन्होंने आल इंडिया 51 वा रेंक हासिल किया तो वहीँ इंटरमीडिएट भी पहले अटेम्पट में क्लियर कर लिया।   

अपनी फ़ाइनल ईयर के सफर के बारे में बताते हुए हातिम ने कहा की तीनो साल तक पढ़ाई के साथ साथ आर्टिकलशिप भी करनी होती है, इसके लिए उन्होंने उदयपुर के संपत लाल वोहरा एंड कंपनी को चुना था और इंटर्नशिप पूरी की। उन्होंने कहा की नवंबर 2022 में उन्होंने सीए फ़ाइनल का पहला अटेम्पट किया था जिसमे उन्हें सफलता हासिल नहीं हो पाई थी। लेकिन इसके बाद उन्होंने तय कर लिया था की मई में उन्हें सीए फाइनल को क्लियर करना ही है क्यूकि ये पहली बार था की वो कभी किसी परीक्षा में फ़ैल हुए थे, साथ ही 5 सालों की मेहनत भी दांव पर लगी थी।  

अपने इस अचीवमेंट का श्रेय हातिम अपने माता-पिता और नानाजी को देते है जिन्होंने उनके इस सफर में हर मक़ाम पर उनका साथ दिया और उनकी होंसला अफजाई की। 

हातिम कहते है की अक्सर सब कहते है की किसी भी परीक्षा में पास होने के लिए 14-18 घंटे पढ़ाई करना जरुरी है ,लेकिन उनका मानना है की ऐसा आम जिंदगी में सभी के लिए मुमकिन नहीं है, सब से अहम है सेल्फ स्टडी करना और इसमें अगर आप 6 महीने तक रोज 10 घंटों तक भी पढाई कर पाए तो वह काफी होगा। इसके साथ साथ आपको अपने पढ़ाई का मटीरियल एक बार तय करना होगा और मन बनाना होगा की इसी मटेरियल को पढ़कर पास होना है, अगर आप बार बार मटीरियल बदलते हैं तो उस से आप भ्रमित हो सकते हैं अपने और अपनी पढ़ाई पर और आपको भरोसा रखना होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात की आपको पढ़ाई से साथ साथ 8 घंटो की नींद लेनी होगी क्यों की अगर आपका माइंड फ्रेश होगा तो आपको पढ़ाई में भी इंटरस्ट आएगा।  

हातिम ने बताया की उनके अचीवमेंट के बाद उनके परिवार ही नहीं उनके टीचर्स भी बहुत खुश है और जिन टीचर्स से कई सालों से संपर्क टूट गया था वो भी अब बधाई देने के लिए फिर से संपर्क करने लगे है।  

हातिम के पिता का कहना है की वह अपने बेटे के अचीवमेंट से बहुत खुश है, घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने से उसने कई हालात देखे लेकिन परिवार ने हमेशा उसकी हौसला अफजाई की है, पहले अटेम्पट में फ़ैल होने से हातिम का मनोबल टूट गया था लेकिन परिवार ने उसको मोटिवेट किया और एक बार फिर उसने फाइनल अटेम्पट किया और अपना लक्ष्य हासिल किया।  

सभी अभिभावकों के लिए हातिम के पिता ने संदेश देते हुए कहा की 'अपने बच्चों पर कभी दबाव न डालें, उन्हें फ्री माइंड रहने दें, बच्चा फ्री माइंड रहेगा तो वो अच्छे से पढ़ पाएगा, न ही अपने बच्चे की तुलना किसी दूसरे बच्चे से करें, आपका बच्चा जितने भी अंक ला रहा है तो उसकी होंसला अफजाई करें ताकि वह अपने लक्ष्य को हासिल कर पाए।

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