MLSU में ZOHO Books कार्यशाला शुरू

लेखांकन एवं व्यावसायिक सांख्यिकी विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 'लेखांकन सॉफ्टवेयर आधारित 'ZOHO Books' कार्यशाला

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ZOHO books workshop at MLSU

उदयपुर 9 सितंबर 2025। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर के लेखांकन एवं व्यावसायिक सांख्यिकी विभाग के मास्टर ऑफ वोकेशन (ATA) प्रोग्राम एवं ICA Edu Skills के संयुक्त तत्वाधान में तीन दिवसीय ZOHO Books कार्यशाला की शुरुआत 8 सितम्बर 2025 को वाणिज्य महाविद्यालय के सेमिनार हॉल में हुई। इस कार्यशाला का आयोजन ICA Edu Skills, उदयपुर के सहयोग से किया गया है।

लेखांकन एवं व्यावसायिक सांख्यिकी विभाग के विभागाध्यक्ष एवं एम.वोक. निदेशक प्रो. शूरवीर सिंह भाणावत ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में बताया कि आधुनिक लेखांकन जगत में क्लाउड बेस्ड एकाउंटिंग सॉफ्टवेर जैसे टैली क्विक बुक, जीरो और ZOHO Books महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि Artificial Intelligence (AI) ने अकाउंटिंग कार्यों को तेज और सटीक बनाया है। 

उदाहरण स्वरूप उन्होंने Saras Platform का उल्लेख किया, जिसके माध्यम से बैंक स्टेटमेंट सीधे सॉफ्टवेयर में इंटीग्रेट कर लेखांकन किया जा सकता हैं। आज लेखांकन विद्यार्थियों में टेक्नोलॉजी आधारित कौशल की महती आवश्यक है। प्रो भाणावत ने कहा कि अकाउंटेंट की भूमिका अब केवल बहीखाता तक सीमित नहीं रह गई है बल्कि वे Analytics की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। NEP 2020 के संदर्भ में उन्होंने कहा कि अब डिग्री के साथ 3–4 स्किल बेस्ड कोर्सेज जोड़ना आवश्यक हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत में 650 से अधिक कंपनियाँ ZOHO Books का उपयोग कर रही हैं ,जिससे यह स्पष्ट होता है कि आने वाले समय में कौशल-आधारित शिक्षा ही विकास का आधार बनेगी।

ICA Edu Skills, उदयपुर की सेंटर डायरेक्टर मधु औदिच्य ने कहा कि आज लगभग 80 प्रतिशत संगठन टैली का उपयोग करते हैं, लेकिन वैश्विक स्तर पर ZOHO Books तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। उन्होंने बताया कि यह सॉफ्टवेयर 150 से अधिक देशों में उपयोग किया जा रहा है और इसके 100 मिलियन से अधिक यूजर्स हैं। उदयपुर में भी 100 से ज्यादा प्रोफेशनल्स इस प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने गर्व व्यक्त किया कि ICA देश का पहला संस्थान है जो ZOHO Books का सर्टिफिकेशन प्रदान कर रहा है। इस सॉफ्टवेयर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह कम समय में अधिक कार्य को संभव बनाता है और अपनी ग्लोबल कनेक्टिविटी के कारण विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की दक्षता प्रदान करता है।

 कार्यशाला की संयोजक तथा एम वॉक कोर्स संयोजक डॉ आशा शर्मा ने* बताया कि इस कार्यशाला में 67 प्रतिभागी शामिल हुए हैं, जिनमें एम.वोक., बी.वोक., एम.कॉम के विद्यार्थी, शोधार्थी और विश्वविद्यालय सहित अन्य महाविद्यालयों के सहायक आचार्य सम्मिलित हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला आयोजित की है। गुंजन औदिच्य (एकेडमिक इंचार्ज) कार्यशाला की मुख्य वक्ता रहेंगी।

उद्घाटन सत्र में सह अधिष्ठाता डॉ. शिल्पा वार्डिया ने कहा कि आज के समय में केवल सैद्धांतिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है, छात्रों को Learning के साथ Earning पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने समझाया कि पारंपरिक पढ़ाई के साथ यदि विद्यार्थी स्किल बेस्ड कोर्सेज करते हैं तो वे पढ़ाई के दौरान ही रोजगार और आय के अवसर प्राप्त कर सकते हैं। जिससे वे भविष्य की प्रतिस्पर्धा के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।

समापन पर डॉ. आशा शर्मा ने Vote of Thanks प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में सहायक आचार्य डॉ. शिल्पा लोढ़ा, डॉ. पारुल दशोरा, डॉ. पुष्पराज मीणा, डॉ. रेनू शर्मा एवं डॉ. विनोद मीणा, अतिथि शिक्षक, प्रतिभागी, विद्यार्थी रिसर्च स्कॉलर्स शामिल रहे।

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